ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 7 अगस्त से शुरू होने जा रहा है, जो 11 अगस्त तक चलेगा। इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सत्र में राजधानी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा में सरकार की वित्तीय स्थिति, बिजली व्यवस्था, सरकारी सेवाओं और शहरी विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सत्र के एजेंडे को मंजूरी दे दी गई है। बैठक में तय किया गया कि इस दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की दो रिपोर्ट, दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) से जुड़ी अधिसूचना और तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पेश करेंगी CAG की दो रिपोर्ट
मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता सदन में CAG की दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश करेंगी। पहली रिपोर्ट 31 मार्च 2023 को समाप्त अवधि के दौरान दिल्ली सरकार के कामकाज और खर्च से संबंधित है। इसमें सरकार के विभागों की कार्यप्रणाली, योजनाओं पर खर्च और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी शामिल होगी। वहीं दूसरी रिपोर्ट वर्ष 2024-25 के दौरान दिल्ली सरकार की वित्तीय स्थिति पर आधारित है। इसमें सरकार की आय, खर्च और आर्थिक फैसलों का लेखा-जोखा होगा।
CAG रिपोर्ट को सरकारी खर्च और योजनाओं की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद विधानसभा की समितियां भी इन पर विस्तार से विचार कर सकती हैं। माना जा रहा है कि विपक्ष इन रिपोर्टों को लेकर सरकार से सवाल कर सकता है, जबकि सरकार अपने फैसलों और योजनाओं का बचाव करेगी।
बिजली व्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर भी होगी चर्चा
सत्र के दौरान दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) से जुड़ी एक अधिसूचना भी सदन में रखी जाएगी। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग के ओपन एक्सेस नियमों में किए गए दूसरे संशोधन से संबंधित अधिसूचना और उसके शुद्धिपत्र को विधानसभा के पटल पर रखेंगे। ओपन एक्सेस व्यवस्था के तहत बड़े बिजली उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने का विकल्प मिलता है। सरकार का कहना है कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने के लिए समय-समय पर नियमों में बदलाव किए जाते हैं। इस संशोधन पर विधानसभा में चर्चा होने की उम्मीद है।
सदन में पेश होंगे तीन महत्वपूर्ण विधेयक
मानसून सत्र में तीन अहम विधेयक भी पेश किए जाएंगे, जिन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा होने की संभावना है।
1. समयबद्ध सरकारी सेवाओं से जुड़ा विधेयक
सबसे महत्वपूर्ण विधेयकों में से एक दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाओं की उपलब्धता का अधिकार) विधेयक, 2026 है। इस विधेयक के जरिए वर्ष 2011 में बने पुराने कानून को खत्म करने का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था को नए नियमों के साथ मजबूत करना बताया जा रहा है। हालांकि, विधेयक के सभी प्रावधान सदन में पेश होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
2. DUSIB अधिनियम में संशोधन
दूसरा विधेयक दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) अधिनियम, 2010 में संशोधन से जुड़ा है। DUSIB राजधानी में झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के विकास, आश्रय गृहों और कमजोर वर्गों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम करता है। प्रस्तावित संशोधन में अधिनियम की एक परिभाषा से संबंधित बदलाव किया जाना है।
3. बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून खत्म करने से जुड़ा विधेयक
तीसरा विधेयक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के इन्क्रेडिबल इंडिया बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान कानून को समाप्त करने से संबंधित है। इस योजना के तहत लोग अपने घरों के कुछ कमरों को पर्यटकों के लिए किराये पर उपलब्ध करा सकते थे। सरकार अब इस कानून की जगह नई व्यवस्था या नए नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
BAC बैठक में कई नेता रहे मौजूद
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के अलावा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचेतक अभय वर्मा सहित कई विधायक मौजूद रहे। बैठक में मानसून सत्र के कामकाज और विधायी एजेंडे को लेकर सहमति बनाई गई।
क्यों अहम माना जा रहा है दिल्ली विधानसभा का यह सत्र?
दिल्ली विधानसभा का यह मानसून सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें वित्तीय जवाबदेही, बिजली व्यवस्था, सरकारी सेवाओं और शहरी विकास जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। CAG रिपोर्ट के जरिए सरकार के कामकाज और खर्च की समीक्षा होगी, वहीं नए विधेयकों के जरिए राजधानी की नीतियों में बदलाव की दिशा तय हो सकती है।
किसी भी विधेयक के कानून बनने से पहले विधानसभा में चर्चा, सुझाव और मतदान की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। ऐसे में इस सत्र के दौरान होने वाली बहस और फैसलों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर रहेगी। यह मानसून सत्र दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे और भविष्य की नीतियों को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण सत्र साबित हो सकता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!