ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई नई EV पॉलिसी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जुलाई 2026 में दिल्ली में 10,719 प्योर इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो इस साल किसी भी एक महीने में सबसे अधिक संख्या है। यह आंकड़ा दिखाता है कि राजधानी में लोग तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहे हैं।
जुलाई में पहली बार 10 हजार का आंकड़ा पार
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में दिल्ली में 9,296 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। वहीं जुलाई में यह संख्या बढ़कर 10,719 तक पहुंच गई। पिछले साल जुलाई 2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन केवल 6,414 था। यानी एक साल के अंतर में EV रजिस्ट्रेशन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नई EV पॉलिसी से बढ़ी मांग
दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2026 से नई दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026 लागू की है। इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को कई तरह की सुविधाएं दी गई हैं। इनमें रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और बैटरी स्वैपिंग सुविधाओं को बढ़ावा देना शामिल है। सरकार का लक्ष्य राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करना है।
2026 में हर महीने बढ़ा EV रजिस्ट्रेशन
साल 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
• जनवरी में 6,077 EV रजिस्ट्रेशन
• फरवरी में 4,983 EV रजिस्ट्रेशन
• मार्च में 7,324 EV रजिस्ट्रेशन
• अप्रैल में 7,658 EV रजिस्ट्रेशन
• मई में 8,738 EV रजिस्ट्रेशन
• जून में 9,296 EV रजिस्ट्रेशन
• जुलाई में 10,719 EV रजिस्ट्रेशन
इन आंकड़ों से साफ है कि अप्रैल के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगातार तेजी आई है।
30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स छूट
नई EV पॉलिसी के तहत 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह छूट दी गई है। इस छूट से इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को बड़ी राहत मिल रही है और शुरुआती लागत कम हो रही है। इसके अलावा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को चार्जिंग की सुविधा आसानी से मिल सके।
आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर असर
दिल्ली सरकार ने EV को बढ़ावा देने के लिए भविष्य के लिए भी कई लक्ष्य तय किए हैं। नई नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए ऑटो रिक्शा का केवल इलेक्ट्रिक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। वहीं 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर वाहनों के रजिस्ट्रेशन को बंद कर सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को बढ़ावा देने की योजना है।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। ऐसे में सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रदूषण कम करने के एक बड़े समाधान के रूप में देख रही है। रिकॉर्ड EV रजिस्ट्रेशन यह संकेत दे रहे हैं कि लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है और आने वाले समय में राजधानी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या और बढ़ सकती है।
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