ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली में प्याज और चीनी की कीमतों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को प्याज और चीनी की उपलब्धता और बाजार कीमतों की समीक्षा के लिए बैठक हुई। बैठक में साफ किया गया कि फिलहाल राजधानी में प्याज या चीनी की कोई कमी नहीं है।हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर आने वाले दिनों में इन जरूरी चीजों की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो उसका सीधा असर दिल्ली के लोगों की जेब पर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
NAFED से प्याज और चीनी खरीदेगी सरकार
सरकार की योजना के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर दिल्ली सरकार केंद्र सरकार की एजेंसी NAFED से प्याज और चीनी खरीदेगी। इसके बाद राजधानी के अलग-अलग इलाकों में इन्हें उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। सबसे खास बात यह होगी कि लोगों को प्याज और चीनी उसी कीमत पर बेची जाएगी, जिस कीमत पर सरकार ने इन्हें NAFED से खरीदा होगा। यानी खरीद के बाद आने वाला अतिरिक्त खर्च सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।
ट्रांसपोर्ट का खर्च सरकार उठाएगी
दिल्ली सरकार ने तय किया है कि प्याज और चीनी को NAFED से खरीदने के बाद राजधानी के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में आने वाला ट्रांसपोर्ट और अन्य लॉजिस्टिक्स खर्च सरकार खुद उठाएगी। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर बाजार में प्याज की कीमत बढ़ती भी है तो दिल्ली के लोगों पर उसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। इसके लिए विभाग को जरूरी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अलग-अलग इलाकों में लग सकते हैं कैंप
प्याज की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें राजधानी के अलग-अलग इलाकों में कैंप लगाकर लोगों को किफायती कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने का विकल्प भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को NAFED से प्याज खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि दिल्ली के लिए आवंटित प्याज सही तरीके से बाजार तक पहुंचे।
जमाखोरी पर रहेगी सरकार की नजर
बैठक में जमाखोरी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्याज की सप्लाई पर लगातार नजर रखी जाए और अगर कहीं जमाखोरी की शिकायत या मामला सामने आता है तो जरूरी कार्रवाई की जाए। सरकार का मानना है कि बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के साथ जमाखोरी पर रोक लगाना जरूरी है, ताकि कृत्रिम तरीके से कीमतों को बढ़ने से रोका जा सके।
चीनी की जमाखोरी पर भी होगी कार्रवाई
सिर्फ प्याज ही नहीं, बल्कि चीनी की कीमत और उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि केंद्र सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक लिमिट से जुड़े नियम लागू किए हैं। दिल्ली सरकार इन नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करेगी। अगर किसी कारोबारी या व्यक्ति के पास निर्धारित सीमा से ज्यादा चीनी का स्टॉक पाया जाता है या जमाखोरी सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लोगों को सस्ती चीनी उपलब्ध कराने की तैयारी
सरकार ने विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि दिल्ली के लोगों को किफायती दरों पर चीनी उपलब्ध कराने के विकल्प तलाशे जाएं। इसके लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। फिलहाल दिल्ली में प्याज और चीनी की कमी नहीं है, लेकिन सरकार पहले से तैयारी करके संभावित महंगाई का असर कम करना चाहती है। NAFED से खरीद, सरकारी स्तर पर परिवहन और जमाखोरी पर निगरानी के जरिए सरकार जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिश करेगी। इस पूरी कवायद का मकसद साफ है—अगर बाजार में प्याज और चीनी के दाम बढ़ते हैं, तो उसका अतिरिक्त बोझ दिल्ली के आम लोगों की जेब पर न पड़े।
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