ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों के बंद होने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी जंग छिड़ गई है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। जहां AAP इसे जनता के हितों पर हमला बता रही है, वहीं BJP इन क्लीनिकों को ‘भ्रष्टाचार का अड्डा’ करार दे रही है।
AAP का आरोप
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव के समय ही यह भविष्यवाणी की थी कि अगर दिल्ली में बीजेपी सत्ता में आई, तो वे लोगों की सुविधाएं बंद कर देंगे — और आज वही हो रहा है।
उन्होंने कहा कि दिवाली जैसे त्यौहार पर जब सरकारें अपने कर्मचारियों को बोनस देती हैं, तब बीजेपी सरकार ने उल्टा सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। भारद्वाज के अनुसार, अगस्त में पहले 31 मोहल्ला क्लीनिक बंद किए गए थे और अब 171 और क्लीनिकों को बंद करने का फैसला लिया गया है। यानी अब तक करीब 200 मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए गए हैं, जिससे सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं।
BJP का पलटवार
AAP के आरोपों पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने पलटवार करते हुए कहा कि सौरभ भारद्वाज की बौखलाहट दिखाती है कि सच्चाई क्या है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला क्लीनिकों को आम आदमी की सेवा का नहीं बल्कि “घोटाले का केंद्र” बना दिया था।
सचदेवा ने आरोप लगाया कि कई क्लीनिकों में डॉक्टर तक मौजूद नहीं थे और कंपाउंडर ही सब कुछ संभालते थे। न तो किसी बीमारी की जांच की सुविधा थी और न ही उचित दवाइयां उपलब्ध थीं। उन्होंने दावा किया कि एक ही फोन नंबर से दर्जनों मरीजों का पंजीकरण किया जाता था ताकि फर्जी रिपोर्ट और जांच शुल्क के नाम पर घोटाला किया जा सके।
‘अप्रशिक्षित कर्मी और राजनीतिक नियुक्तियां’
बीजेपी का आरोप है कि मोहल्ला क्लीनिकों में काम करने वाले ज्यादातर कर्मी स्वास्थ्य सेवा के लिए प्रशिक्षित नहीं थे। उनकी नियुक्तियां किसी प्रशासनिक प्रक्रिया से नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़ाव के आधार पर की गई थीं।
सचदेवा ने यह भी कहा कि जब कोरोना महामारी के दौरान लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब खुद अरविंद केजरीवाल ने कई मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए थे। उनका कहना है कि जनता अब AAP की “नकली संवेदना” और “राजनीतिक बयानबाजी” को भली-भांति समझ चुकी है।
BJP का दावा – ‘अब खुलेंगे आयुष्मान आरोग्य मंदिर’
वीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि बीजेपी सरकार अब मोहल्ला क्लीनिकों की जगह आधुनिक और पारदर्शी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोल रही है। इनमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और बेसिक मेडिकल जांच की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि कई आरोग्य मंदिर पहले ही शुरू हो चुके हैं और अप्रैल 2026 तक कुल 1100 केंद्र खोले जाने का लक्ष्य है।
उनका कहना है कि यह पहल दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करेगी तथा जनता को वास्तविक चिकित्सा सेवाएं मिलेगीं, न कि सिर्फ राजनीतिक प्रचार।
जनता के लिए सवाल – सुविधा या सियासत?
मोहल्ला क्लीनिकों को लेकर शुरू हुई यह बहस अब दिल्ली की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गई है। एक तरफ AAP इसे जनता की सेवा बंद करने वाला फैसला बता रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी इसे भ्रष्टाचार खत्म करने का कदम कह रही है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में दिल्ली की जनता किसकी बात पर भरोसा करती है — केजरीवाल सरकार की मोहल्ला सेवा की कहानी या बीजेपी के नए आरोग्य मंदिरों का वादा।
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