ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का पहला चरण पूरा हो गया है। इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा किए हैं, लेकिन करीब 47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन लोगों का वोट देने का अधिकार हमेशा के लिए खत्म हो गया है। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद भी दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा।
1.45 करोड़ वोटरों में से कितनों ने फॉर्म जमा किया?
दिल्ली में इस समय करीब 1.45 करोड़ मतदाता हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के मुताबिक इनमें से 97.47 लाख यानी करीब 67.18 फीसदी मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा कर दिए हैं। इन फॉर्म को बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी BLO ने डिजिटल भी कर दिया है। दूसरी तरफ करीब 47 लाख से ज्यादा फॉर्म जमा नहीं हुए। यही वजह है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में इन मतदाताओं के नाम नहीं होने की संभावना है।
24 अगस्त को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
SIR के पहले चरण में फॉर्म जमा करने की समय सीमा सोमवार को खत्म हो गई। अब 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। जिन लोगों का नाम इस ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं होगा, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। निर्वाचन विभाग के मुताबिक ऐसे मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद जांच और प्रक्रिया पूरी होने पर 27 अक्टूबर को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा फॉर्म डिजिटल हुए?
आंकड़ों के मुताबिक रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा फॉर्म डिजिटल किए गए हैं। यहां करीब 83.43 फीसदी यानी 1,25,478 फॉर्म डिजिटलीकृत किए गए। इसके बाद शकूरबस्ती में 81.26 फीसदी, राजौरी गार्डन में 79.14 फीसदी, मंगोलपुरी में 78.76 फीसदी और उत्तम नगर में 77.76 फीसदी फॉर्म डिजिटल हुए। वहीं तुगलकाबाद में यह आंकड़ा सबसे कम रहा। यहां करीब 52.15 फीसदी फॉर्म ही डिजिटलीकृत हो पाए।
अल्पसंख्यक बहुल इलाकों का क्या हाल?
अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में चांदनी चौक में फॉर्म के डिजिटलीकरण की दर करीब 61.02 फीसदी रही। वहीं मुस्तफाबाद में 71.91 फीसदी, मटिया महल में 75.5 फीसदी, सीलमपुर में 76.63 फीसदी, बाबरपुर में 73 फीसदी और बल्लीमारान में 67.35 फीसदी फॉर्म डिजिटल किए गए। यानी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में फॉर्म जमा होने और डिजिटल होने का प्रतिशत काफी अलग रहा।
नाम नहीं होने पर क्या होगा?
निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होंगे, उन्हें कारण बताया जा सकता है। ऐसे मामलों में ASDD यानी Absent, Shifted, Dead और Duplicate जैसी श्रेणियों के तहत जांच की जाएगी। सबसे जरूरी बात यह है कि ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं होना अंतिम फैसला नहीं है। संबंधित मतदाता दावा और आपत्ति दर्ज कराकर अपना नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में हिस्सा ले सकता है। इसलिए 24 अगस्त को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं के लिए अपने नाम की स्थिति जांचना काफी जरूरी होगा।
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