ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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11 नवंबर को दिल्ली के जनपथ स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की प्रेयर मीट आयोजित की गई। यह कार्यक्रम उनकी पत्नी और सांसद हेमा मालिनी द्वारा रखा गया था। इस श्रद्धांजलि सभा में फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। पूरे माहौल में भावनाओं की गहरी लहर महसूस की जा सकती थी, खासकर उस समय जब हेमा मालिनी मंच पर धर्मेंद्र को याद करते हुए बोल रही थीं।
मंच पर हेमा मालिनी हुईं भावुक, बेटी ईशा को भी टोक दिया
जब हेमा मालिनी धर्मेंद्र की याद में मंच पर पहुंचीं तो उन्होंने बोलना शुरू करते ही अपना दुख व्यक्त किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा भी दिन आएगा जब उन्हें अपने ‘धरम जी’ के लिए शोक सभा आयोजित करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि दुनिया भर के लोग धर्मेंद्र के निधन का शोक मना रहे हैं, लेकिन उनके लिए यह एक ऐसा सदमा है जिससे बाहर निकल पाना बेहद मुश्किल है।
यह कहते-कहते हेमा मालिनी की आंखें भर आईं और उनकी आवाज़ कांपने लगी। पास खड़ी उनकी बेटी ईशा देओल उन्हें संभालने के लिए आगे आईं और उन्होंने अपनी मां का हाथ पकड़ लिया, लेकिन हेमा मालिनी ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वह पास न आएं। बेटी को डांटते हुए पीछे भेजने का यह पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था।
हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की अधूरी ख्वाहिश का जिक्र किया
प्रेयर मीट के दौरान हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की एक ऐसी ख्वाहिश का उल्लेख किया जो उनके जीवनकाल में अधूरी रह गई। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र उर्दू शायरी से बेहद लगाव रखते थे और वे किसी भी परिस्थिति में तुरंत एक शेर सुना देते थे। हेमा मालिनी ने कहा कि उन्होंने कई बार धर्मेंद्र से आग्रह किया था कि वे अपनी शायरी को एक किताब में लिखकर प्रकाशित करें, क्योंकि उनके चाहने वाले इसे पढ़कर बहुत खुश होंगे।
उन्होंने आगे बताया कि धर्मेंद्र इस सुझाव को लेकर पूरी तरह गंभीर थे और वे किताब प्रकाशित करने की योजना बना रहे थे। हालांकि उनकी तबीयत बिगड़ने और फिर निधन हो जाने के कारण यह ख्वाहिश अधूरी रह गई। इस बात को याद करते हुए हेमा मालिनी फिर से भावुक हो गईं।
कंगना रनोट भी श्रद्धांजलि के दौरान हुईं भावुक
धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट भी मौजूद थीं। श्रद्धांजलि देते समय कंगना रनोट की आंखों में भी आंसू आ गए और उन्होंने नम आंखों से धर्मेंद्र को याद किया। प्रेयर मीट के बाद कंगना रनोट ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि हेमा मालिनी और उनके परिवार से मिलकर उनका दिल भर आया और उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र हमेशा उनकी यादों में जीवित रहेंगे।
राजनीति जगत से भी कई दिग्गज पहुंचे श्रद्धांजलि देने
इस श्रद्धांजलि सभा में राजनीति से जुड़े कई बड़े नेता भी पहुंचे थे। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और दिल्ली के मंत्री मंजीदर सिंह सिरसा शामिल थे।
अमित शाह ने मंच से कहा कि वे धर्मेंद्र के बड़े फैन हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष रूप से यहां आए हैं। उनकी बातों से यह साफ झलक रहा था कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेताओं के बीच भी अत्यंत सम्मानित और प्रिय थे।
बीमारी और अंतिम दिनों की जानकारी सामने आई
धर्मेंद्र पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें 31 अक्टूबर और 10 नवंबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी जिसके कारण उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया। 12 नवंबर को डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने की सलाह दी और उनका इलाज घर पर जारी रखा गया।
कुछ दिन पहले हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि धर्मेंद्र की तबीयत पहले से बेहतर थी और वे धीरे-धीरे ठीक हो रहे थे। लेकिन 24 नवंबर की सुबह उनका निधन हो गया। उसी दिन मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम विदाई में उमड़ा स्नेह और सम्मान
धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के उन चहेते कलाकारों में से थे जिन्होंने अपने अभिनय, व्यक्तित्व और सादगी से करोड़ों दिलों पर राज किया। प्रेयर मीट में उमड़ी भीड़, उनके प्रति उमड़े भाव और नेताओं तथा कलाकारों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं का हिस्सा थे। धर्मेंद्र की मुस्कान, उनकी शायरी और उनका स्नेह हमेशा उनके चाहनेवालों की यादों में जिंदा रहेगा।
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