ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजों में चारों केंद्रीय पदों की तस्वीर अलग-अलग रही। ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। उन्हें 30,615 वोट मिले। दूसरी तरफ NSUI केंद्रीय पैनल की कोई सीट नहीं जीत सकी। यह परिणाम छात्र राजनीति में टिकट, उम्मीदवार और संगठन के बीच संबंधों को लेकर चर्चा का विषय बन गया।
तीन सीटें ABVP के खाते में
ABVP के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत हासिल की। लेकिन चुनाव के आंकड़ों का एक दिलचस्प पहलू यह रहा कि तीन सीटें जीतने के बावजूद संगठन का कुल वोट शेयर 2023 की तुलना में कम रहा। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में ABVP का कुल वोट शेयर 32.78 प्रतिशत रहा, जबकि 2023 में यह 43.19 प्रतिशत था। इसका एक कारण उपाध्यक्ष पद का मुकाबला रहा, जहां निर्दलीय दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले और ABVP उम्मीदवार को 16,910 वोट मिले। DUSU चुनाव में हर पद के लिए अलग वोट डाला जाता है। इसलिए एक छात्र अध्यक्ष पद पर एक संगठन को और उपाध्यक्ष पद पर दूसरे उम्मीदवार को वोट दे सकता है।
निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत
दीपांशु शौकीन का चुनाव परिणाम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि वह पहले NSUI से जुड़े रहे थे और पार्टी से टिकट की उम्मीद कर रहे थे। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और उपाध्यक्ष पद जीत लिया। उनकी जीत ने छात्र राजनीति में निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू की। DUSU के इतिहास में किसी निर्दलीय उम्मीदवार की यह जीत अलग तरह की राजनीतिक घटना मानी जा रही है।
NSUI को नहीं मिली केंद्रीय सीट
NSUI के लिए इस चुनाव का परिणाम खासा महत्वपूर्ण रहा। संगठन 2024 में अध्यक्ष पद जीत चुका था, लेकिन 2026 में केंद्रीय पैनल की कोई सीट नहीं जीत सका। रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में उसका वोट शेयर 35.97 प्रतिशत था, जो 2026 में घटकर 23.39 प्रतिशत रहा। टिकट वितरण को लेकर भी चर्चा हुई। दीपांशु शौकीन के अलावा NSUI से जुड़े एक अन्य छात्र विशेष यादव ने भी टिकट न मिलने के बाद दूसरे संगठन के समर्थन से चुनाव लड़ा और संयुक्त सचिव पद पर दूसरे स्थान पर रहे।
NOTA को भी मिले हजारों वोट
इस चुनाव में NOTA ने भी ध्यान खींचा। 2026 में चारों केंद्रीय पदों पर मिलाकर NOTA को 23,942 वोट मिले। कुछ पदों पर NOTA का वोट शेयर 12 प्रतिशत से ऊपर रहा। इससे यह पता चलता है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने उपलब्ध उम्मीदवारों में से किसी को भी चुनने के बजाय NOTA का विकल्प चुना। कुल मिलाकर DUSU 2026 के नतीजों में एक तरफ ABVP ने चार में से तीन केंद्रीय सीटें जीतीं, दूसरी तरफ निर्दलीय उम्मीदवार ने उपाध्यक्ष पद हासिल किया और NSUI केंद्रीय पैनल से बाहर रही। छात्र राजनीति में आगे इन नतीजों को लेकर चर्चा जारी रहने की संभावना है।
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