ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई 30 दिसंबर 2025 से जारी है। ईडी ने हरियाणा के इंदरजीत सिंह यादव, उसके साथियों और अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से जुड़ी कंपनियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी अभी भी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
कई FIR और चार्जशीट के आधार पर हुई कार्रवाई
ईडी ने यह जांच हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू की। जांच एजेंसी के अनुसार, इंदरजीत सिंह यादव पर गंभीर आरोप हैं। उस पर अवैध वसूली, प्राइवेट फाइनेंसर्स से जबरन लोन सेटलमेंट कराने, लोगों को धमकाने और हथियारों के बल पर दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। इन गतिविधियों से कमाए गए पैसे को कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर निवेश किया जा रहा था।
दिल्ली में ठिकाने पर छापा, 5.12 करोड़ रुपये नकद बरामद
ईडी ने आरोपी के सहयोगी अमन कुमार से जुड़े नई दिल्ली के सर्वप्रिया विहार स्थित ठिकाने पर छापा मारा। इस दौरान ईडी टीम को बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। अधिकारियों ने बताया कि वहां से लगभग 5.12 करोड़ रुपये नकद मिले। इतनी बड़ी राशि को गिनने के लिए बैंक अधिकारियों को कैश काउंटिंग मशीन के साथ बुलाना पड़ा। यह रकम कमरे में अलग-अलग बैग और अलमारियों में रखी हुई मिली।
सूटकेस से मिले सोने-हीरे के गहने और महंगे जेवर
छापेमारी के दौरान ईडी को एक सूटकेस भी मिला, जिसमें सोने और हीरे के गहने रखे हुए थे। इन गहनों की अनुमानित कीमत लगभग 8.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इन जेवरों की खरीद के लिए भी अवैध धन का इस्तेमाल किया गया होगा। इसके अलावा, एक बैग से कई चेकबुक और संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 35 करोड़ रुपये मानी जा रही है।
कंपनियों और सहयोगियों की भी पड़ताल
ईडी केवल इंदरजीत सिंह यादव ही नहीं, बल्कि उसके साथ जुड़े लोगों और कंपनियों की भी जांच कर रही है। अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और उससे संबद्ध अन्य कंपनियों के वित्तीय लेन-देन, खाते और निवेश पैटर्न की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि अवैध कमाई को किन-किन रास्तों से वैध दिखाया गया और कहां-कहां निवेश किया गया।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
ईडी की टीमें बुधवार 31 दिसंबर 2025 को भी छापेमारी करती रहीं। कई जगहों पर तलाशी अभियान जारी है। फिलहाल एजेंसी बरामद नकदी, गहनों और दस्तावेजों का ब्योरा तैयार कर रही है। इनसे मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क और धन की आवाजाही का सुराग मिलने की उम्मीद है।
ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कमाई के जाल पर बड़ी चोट मानी जा रही है। अभी जांच शुरुआती चरण में है, इसलिए आगे और नाम और कंपनियाँ सामने आ सकती हैं। एजेंसी का कहना है कि जब तक पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं हो जाता, छापेमारी और पूछताछ का सिलसिला जारी रहेगा।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!