ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर रविवार रात से सोमवार सुबह तक प्रदर्शन का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारी 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के मामले में FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शन की कवरेज के दौरान कुछ महिला पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मियों ने गलत व्यवहार किया। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पत्रकार, कार्यकर्ता और दूसरे लोग थाने के बाहर जुटे।
FIR की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज की जानी चाहिए। उनका आरोप था कि मामले में कार्रवाई में देरी की जा रही है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि शिकायतों को जांच के लिए Crime Branch को भेजा गया है। पुलिस पहले तथ्यों की जांच कर रही है और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार सुबह हिरासत
सोमवार सुबह पुलिस ने थाने के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाना शुरू किया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके पर सुरक्षा बढ़ाई गई थी और पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग भी की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी रही।
मामला सिर्फ एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं
यह विवाद उस बड़े विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है जिसमें Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर प्रदर्शन किया गया था। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भी कुछ मामलों में FIR दर्ज की थी। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन से जुड़े तीन FIR दर्ज किए थे और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। अब महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी का मामला अलग से जांच के दायरे में है।
आगे क्या होगा?
मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि शिकायतों की जांच के बाद पुलिस क्या कदम उठाती है। अगर आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं तो आगे FIR और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। वहीं प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले में बिना देरी के कार्रवाई की जाए। फिलहाल दिल्ली में यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। एक तरफ चुनाव आयोग और SIR को लेकर विरोध चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार ने पुलिस की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए हैं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!