ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
कई बार एक अभिनेता की असली पहचान उसे तब मिलती है, जब वह अपने जाने-पहचाने अंदाज से बाहर निकलकर बिल्कुल अलग किरदार निभाता है। गौरव गेरा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। लंबे समय तक लोग उन्हें उनके हल्के-फुल्के और कॉमिक अंदाज के लिए जानते रहे, लेकिन अब एक गंभीर और इंटेंस किरदार ने उनकी छवि को नया मोड़ दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने खुद बताया कि उन्हें यह रोल एक खास ऑडिशन सीन के बाद मिला, जो फिल्म के सबसे अहम हिस्सों में से एक निकला।
कौन-सा था वह सीन
गौरव गेरा ने बताया कि ऑडिशन के लिए उन्हें वही भारी सीन दिया गया था, जिसमें उनका किरदार आलम, हमजा को यह समझाने की कोशिश करता है कि पिंडा की मौत का इल्जाम वह अपने ऊपर ले ले। यह कोई साधारण सीन नहीं था। इसमें भावनात्मक दबाव भी था, कहानी का वजन भी था और किरदार के भीतर का संघर्ष भी दिखाना था। शायद यही वजह रही कि इसी सीन ने कास्टिंग टीम को यकीन दिला दिया कि गौरव इस भूमिका को संभाल सकते हैं।
कॉमिक इमेज से बाहर आने की चुनौती
जो अभिनेता लंबे समय तक एक खास तरह के किरदारों में पहचाना जाता है, उसके लिए अलग छवि बनाना आसान नहीं होता। दर्शकों की उम्मीदें भी वही रहती हैं और इंडस्ट्री भी उसे उसी फ्रेम में देखने लगती है। गौरव गेरा के सामने भी यह चुनौती रही होगी। लेकिन जब एक कलाकार को मौका मिलता है और वह तैयारी के साथ सामने आता है, तो छवि बदलते देर नहीं लगती। इस रोल ने यही साबित किया कि उनके अंदर सिर्फ हंसी-मजाक वाला कलाकार नहीं, बल्कि गहराई वाला अभिनेता भी मौजूद है।
पहले से थी तैयारी
गौरव ने यह भी कहा कि वह इस सीन से हैरान नहीं थे, क्योंकि उन्हें पहले से अंदाजा था कि यह किरदार खास है। उन्होंने पहले भी एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए मुलाकात की थी, लेकिन तब बात नहीं बन पाई थी। यही अनुभव बाद में काम आया। कई बार इंडस्ट्री में पहला मौका नहीं मिलता, लेकिन वह मुलाकात भविष्य का रास्ता जरूर खोल देती है।
किरदार क्यों लगा खास
आलम का किरदार सिर्फ कहानी में मौजूद एक और चेहरा नहीं था। वह हमजा के लिए एक भरोसेमंद सहारा और कहानी के तनाव भरे मोड़ पर असर डालने वाला इंसान था। ऐसे किरदारों को निभाने में केवल डायलॉग बोलना काफी नहीं होता, उसमें ठहराव, नीयत और भावनात्मक वजन भी चाहिए होता है। यही चीज ऑडिशन में भी देखी जाती है, और गौरव शायद उसी जगह सबसे ज्यादा मजबूत साबित हुए।
कलाकारों के लिए सीख
गौरव गेरा की यह कहानी नए कलाकारों के लिए भी एक सीख है। हर ऑडिशन छोटा नहीं होता और हर छोटा रोल मामूली नहीं होता। कभी-कभी एक सीन ही पूरी दिशा बदल देता है। अगर तैयारी पूरी हो, तो एक मौका लंबे संघर्ष का फल बन सकता है। यही इस किस्से का सबसे मानवीय हिस्सा है कि इसमें ग्लैमर से ज्यादा मेहनत और धैर्य की झलक दिखती है।
असली जीत पहचान की है
इस पूरे सफर में सबसे बड़ी बात यह नहीं कि उन्हें एक रोल मिला, बल्कि यह कि उस रोल ने उनकी कला को नए नजरिए से दिखाया। अब लोग सिर्फ उन्हें पुराने अंदाज से नहीं, बल्कि एक ऐसे अभिनेता के रूप में भी देख रहे हैं जो गंभीर किरदार में भी असर छोड़ सकता है। यही किसी भी कलाकार की असली जीत होती है कि वह अपने काम से लोगों की धारणा बदल दे।
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