ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'Lock Upp 2' में इन दिनों लगातार नए ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में शो से धीरज धूपर और सूफी मोतीवाला का सफर खत्म हो गया। हालांकि, शो में हर्षद चोपड़ा और योगेश रावत को एक खास टास्क के जरिए दोबारा एंट्री का मौका मिला। एलिमिनेशन के बाद अब धीरज धूपर ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी और शो के अंदर की राजनीति से लेकर हर्षद चोपड़ा के गेम तक कई बड़े खुलासे किए।
ट्रॉफी जीतने का था पूरा भरोसा
एक इंटरव्यू में धीरज धूपर ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि वह शो की ट्रॉफी जीत सकते हैं। उन्होंने बताया कि लगातार पांच हफ्तों तक ग्रीन ज़ोन में बने रहना आसान नहीं था और पूरे सीजन में ऐसा करने वाले वह अकेले कंटेस्टेंट थे। धीरज के मुताबिक उन्होंने हर टास्क में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और घर के अंदर होने वाली राजनीति और विवादों से खुद को दूर रखा।
हर्षद चोपड़ा पर साधा निशाना
धीरज ने हर्षद चोपड़ा के गेम पर सवाल उठाते हुए कहा कि 25 दिनों तक उनका असली चेहरा सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर्षद पूरे शो में अपना गेम खेलने के बजाय सिर्फ शिवांगी के लिए खेलते रहे। धीरज ने कहा कि हर्षद खुद उनसे कहते थे कि अगर दोनों में से किसी एक को बचाने की नौबत आए तो शिवांगी को बचा लेना। उन्होंने वही किया, लेकिन बाद में हर्षद ने उन्हें बैकस्टैबर कह दिया।
"ये रियलिटी शो है, डेली सोप नहीं"
धीरज ने कहा कि जब घर के आठ लोगों ने हर्षद को वोट आउट किया, तब उन्होंने उन्हें चैलेंजर के रूप में नहीं चुना। उनकी जगह सूफी मोतीवाला को चुना क्योंकि उन्हें लगा कि वह शारीरिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टास्क के दौरान हर्षद ने शिवांगी को उनकी मदद करने से भी रोका। धीरज ने कहा कि यह कोई डेली सोप नहीं बल्कि रियलिटी शो है, इसलिए सभी को अपना असली चेहरा दिखाना चाहिए।
योगेश रावत पर भी दिया बयान
धीरज ने योगेश रावत को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि योगेश का गुस्सा अपनी जगह सही हो सकता है, लेकिन उनका व्यवहार उन्हें पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा कि योगेश के साथ उनकी कभी अच्छी बॉन्डिंग नहीं बनी। टास्क से पहले भी योगेश ने उनके साथ बदतमीजी की थी। धीरज का मानना है कि अगर भविष्य में दोनों के बीच विवाद होता तो योगेश उसी तरह का व्यवहार करते।
शो के फॉर्मेट पर भी उठाए सवाल
धीरज धूपर ने शो के फॉर्मेट पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जिन कंटेस्टेंट्स को बाहर भेजा गया, उन्हें एक रात के लिए शो से बाहर रखकर एपिसोड्स दिखाए गए और पूरी जानकारी देने के बाद दोबारा घर में भेज दिया गया। धीरज ने कहा कि अगर ऐसा करना था तो फिर उनकी मेहनत का क्या मतलब रह जाता है। उनके मुताबिक, बाहर जाकर शो की जानकारी हासिल करने वाले कंटेस्टेंट्स को गेम में स्पष्ट फायदा मिलता है।
कैसे हुआ एलिमिनेशन?
हालिया 'Judgment Day' एपिसोड में कम वोट मिलने के बाद हर्षद चोपड़ा शो से बाहर हो गए थे। हालांकि, उन्हें और योगेश रावत को एक खास टास्क के जरिए वापसी का मौका मिला। इस टास्क में हर्षद का मुकाबला सूफी मोतीवाला से और योगेश का मुकाबला धीरज धूपर से हुआ। टास्क के अंत में हर्षद और योगेश ज्यादा वेट इकट्ठा करने में सफल रहे और उन्होंने शो में अपनी जगह बचा ली। वहीं, धीरज धूपर और सूफी मोतीवाला यह टास्क हार गए और उनका सफर यहीं समाप्त हो गया।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!