ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की जानकारी दी और उन्हें श्रद्धांजलि दी। यशपाल शर्मा ने भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि प्रदीप रावत अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने उन्हें फिल्म 'गजनी' और 'लगान' के यादगार किरदारों के लिए याद किया।
फिल्म इंडस्ट्री ने दी श्रद्धांजलि
प्रदीप रावत के निधन पर कई कलाकारों ने दुख जताया। अभिनेता ब्रिजेंद्र काला ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद दुखद बताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य ने भी प्रदीप रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया। उनके जाने से बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनके प्रशंसकों के बीच भी दुख का माहौल है।
'महाभारत' से मिली थी पहली बड़ी पहचान
प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को हुआ था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन से की और धीरे-धीरे फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें सबसे पहले बड़ी पहचान बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी सीरियल 'महाभारत' से मिली। इस सीरियल में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
विलेन के किरदारों से बनाई खास पहचान
प्रदीप रावत को फिल्मों में नकारात्मक किरदारों के लिए खास तौर पर जाना जाता था। उनकी दमदार आवाज और प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उन्होंने हिंदी, तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में काम किया। साल 2004 में उन्होंने तेलुगू फिल्म 'Sye' से शुरुआत की और इस फिल्म में उनके विलेन के किरदार को काफी सराहा गया। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।
'लगान' और 'गजनी' जैसे यादगार किरदार
प्रदीप रावत के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में आमिर खान की 'लगान' (2001) शामिल है। इस फिल्म में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का किरदार निभाया था।इसके अलावा साल 2008 में आई आमिर खान और असिन की सुपरहिट फिल्म 'गजनी' में उन्होंने विलेन का किरदार निभाकर खूब लोकप्रियता हासिल की। फिल्म में उनके किरदार ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी और उन्हें एक मजबूत विलेन के रूप में पहचान मिली।
हिंदी फिल्मों का लंबा सफर
प्रदीप रावत ने साल 1985 में फिल्म 'एतबार' से हिंदी फिल्मों में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'मेरी जंग', 'अग्निपथ', 'बागी', 'कायदा कानून', 'कोहरा', 'इंसानियत', 'राजकुमार', 'कोयला', 'दीवार', 'शबरी', 'ग्रैंड मस्ती', 'सिंह इज ब्लिंग' और 'छावा' जैसी फिल्में शामिल हैं।
टीवी और क्षेत्रीय सिनेमा में भी किया काम
प्रदीप रावत ने सिर्फ हिंदी फिल्मों में ही नहीं बल्कि कई भाषाओं के सिनेमा में काम किया। उन्होंने तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाई। इसके अलावा वह कई टीवी शोज का हिस्सा रहे, जिनमें 'तहकीकात', 'चंद्रकांता', 'युग', 'गुल सनोबर' और 'मिशन फतेह' जैसे धारावाहिक शामिल हैं।
अभिनय की दुनिया में छोड़ी अमिट छाप
करीब चार दशक लंबे करियर में प्रदीप रावत ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और अपनी खास अभिनय शैली से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।उनके विलेन किरदार भले ही नकारात्मक रहे हों, लेकिन उनकी एक्टिंग हमेशा यादगार रही। प्रदीप रावत का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके निभाए किरदार हमेशा दर्शकों की यादों में जिंदा रहेंगे।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!