ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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कोविड-19 के मुश्किल दौर ने पूरी दुनिया की तरह फिल्म इंडस्ट्री को भी गहरे संकट में डाल दिया था। इस दौरान कई कलाकार मानसिक तनाव और करियर को लेकर असमंजस में थे। हाल ही में अभिनेता आर. माधवन ने उसी दौर को याद करते हुए अपनी पत्नी सरिता की अहम सलाह का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस कठिन समय में पत्नी के शब्दों ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने की ताकत दी।
कोविड काल में करियर को लेकर बढ़ी चिंता
आर. माधवन ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह ठप हो गई थी। शूटिंग रुक गई थी और भविष्य को लेकर कलाकारों में असमंजस था। उस समय उन्हें भी लगने लगा था कि शायद उनका करियर प्रभावित हो सकता है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार उन्हें डर और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।
माधवन के मुताबिक, उस दौर में कई प्रोजेक्ट रुक गए थे और यह तय नहीं था कि इंडस्ट्री कब सामान्य होगी। ऐसे माहौल में किसी भी कलाकार के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना आसान नहीं था।
पत्नी सरिता ने दिया आत्मविश्वास
माधवन ने बताया कि जब वह इस तनाव से गुजर रहे थे, तब उनकी पत्नी सरिता ने उन्हें बहुत अहम सलाह दी। उन्होंने माधवन से कहा कि वह अपने काम पर भरोसा रखें और घबराने की बजाय सकारात्मक सोच बनाए रखें।
सरिता ने उन्हें यह समझाया कि कठिन समय हमेशा स्थायी नहीं होता और अगर व्यक्ति धैर्य बनाए रखे तो वह हर मुश्किल को पार कर सकता है। माधवन ने माना कि पत्नी के इन शब्दों ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और उन्होंने खुद पर विश्वास बनाए रखा।
परिवार का साथ बना सबसे बड़ी ताकत
माधवन ने कहा कि कोविड काल में परिवार का साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने बताया कि जब पूरी दुनिया में डर और अनिश्चितता थी, तब परिवार ने उन्हें मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद की।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार का सहयोग कलाकारों के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और असफलता दोनों का दबाव रहता है।
‘धुरंधर’ की सफलता से मिला आत्मविश्वास
हाल ही में माधवन की फिल्म ‘धुरंधर’ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म की सफलता ने उन्हें नया आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके लिए खास है क्योंकि यह उस संघर्ष के बाद मिली है, जब उन्होंने करियर को लेकर कई चुनौतियों का सामना किया था।
माधवन का मानना है कि हर कठिन दौर व्यक्ति को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि कोविड काल ने उन्हें धैर्य और आत्मविश्वास का महत्व सिखाया।
संघर्ष से मिली नई सीख
आर. माधवन ने कहा कि जिंदगी में मुश्किलें जरूर आती हैं, लेकिन वही व्यक्ति आगे बढ़ता है जो हार नहीं मानता। उन्होंने युवाओं को भी सलाह दी कि कठिन समय में खुद पर भरोसा बनाए रखें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।
माधवन ने अपनी पत्नी को श्रेय देते हुए कहा कि उनके समर्थन और समझदारी ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा। उन्होंने यह भी माना कि सफलता के पीछे सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि परिवार का साथ भी उतना ही जरूरी होता है।
इस तरह आर. माधवन की यह कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियों में सही सलाह और परिवार का सहयोग किसी भी व्यक्ति को मजबूत बना सकता है
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