ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
टीवी और फिल्म जगत के मशहूर अभिनेता सतीश शाह अब इस दुनिया में नहीं रहे। 74 साल की उम्र में उन्होंने शनिवार को अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से किडनी से जुड़ी समस्या से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर ने पूरे मनोरंजन जगत को गहरे सदमे में डाल दिया।
टीम ने शो का टाइटल सॉन्ग गाकर दी श्रद्धांजलि
रविवार को मुंबई के विले पार्ले (वेस्ट) स्थित पवन हंस श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके सबसे प्रिय शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ की पूरी टीम मौजूद रही।
रूपाली गांगुली, सुमीत राघवन, राजेश कुमार, जेडी मजेठिया, देवेन भोजानी समेत कई कलाकार सतीश शाह को अंतिम विदाई देने पहुंचे। जैसे ही सभी ने मिलकर शो का टाइटल सॉन्ग “साराभाई वर्सेस साराभाई…” गाना शुरू किया, वहां का माहौल बेहद भावुक हो गया।
रूपाली गांगुली अपने आंसू नहीं रोक सकीं और रो पड़ीं। इस दौरान जेडी मजेठिया ने उन्हें संभाला। वहीं राजेश कुमार और सुमीत राघवन नम आंखों से सतीश शाह के पार्थिव शरीर के सामने खड़े होकर श्रद्धांजलि देते नजर आए।
फिल्मी दुनिया के कई सितारे हुए शामिल
सतीश शाह के अंतिम संस्कार में फिल्म इंडस्ट्री के कई जाने-माने चेहरे पहुंचे। ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में उनके ऑनस्क्रीन बेटे रोसेश साराभाई का किरदार निभाने वाले राजेश कुमार और फिल्ममेकर अशोक पंडित ने उन्हें कंधा दिया। सभी कलाकारों ने कहा कि सतीश शाह न केवल एक शानदार एक्टर थे, बल्कि एक बेहद सकारात्मक और खुशमिजाज इंसान भी थे।
‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ से मिली पहचान
सतीश शाह को घर-घर में पहचान दिलाई उनके मशहूर टीवी शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ ने। यह शो पहली बार 1 नवंबर 2004 को स्टार वन चैनल पर प्रसारित हुआ था और बाद में 2017 में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसका नया सीजन आया। इस कॉमेडी शो की कहानी एक गुजराती परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है।
इसमें सतीश शाह ने इंद्रवदन साराभाई का रोल निभाया था, जबकि रत्ना पाठक शाह ने माया साराभाई, सुमीत राघवन ने साहिल, रूपाली गांगुली ने मोनिशा, और राजेश कुमार ने रोसेश का किरदार निभाया। शो के प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया और डायरेक्टर देवेन भोजानी थे।
इस शो की सबसे बड़ी खूबी इसकी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग और कलाकारों के बीच का शानदार तालमेल था। सतीश शाह की हाजिरजवाबी और जोक सुनाने का अंदाज आज भी लोगों के दिलों में बसता है।
सतीश शाह का फिल्मी सफर
सतीश शाह का जन्म मुंबई के मांडवी इलाके में हुआ था। उन्होंने जेवियर कॉलेज से पढ़ाई की और फिर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे से ग्रेजुएशन किया। उन्होंने साल 1970 में फिल्म ‘भगवान परशुराम’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी।
इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, जैसे — जाने भी दो यारों (1983), कल हो ना हो (2003), मैं हूं ना (2004), फना (2006), ओम शांति ओम (2007)। उन्होंने टीवी शो ‘ये जो है जिंदगी’ (1984) से छोटे पर्दे पर डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने 55 एपिसोड में 55 अलग-अलग किरदार निभाए — जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जाता है। बाद में वे फिल्मी चक्कर, घर जमाई, टॉप 10 और कॉमेडी सर्कस जैसे लोकप्रिय टीवी शोज़ का हिस्सा बने।
व्यक्तिगत जीवन और स्वभाव
सतीश शाह ने 1972 में डिजाइनर मधु शाह से शादी की थी। वे अपने सेंस ऑफ ह्यूमर और विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके साथी कलाकार अक्सर कहते थे कि “सेट पर सतीश जी की मौजूदगी पूरे माहौल को हल्का और खुशनुमा बना देती थी।”
हमेशा याद रहेंगे ‘इंद्रवदन साराभाई’
सतीश शाह सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि हंसी के जादूगर थे। उनकी अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को सालों तक हंसाया और जोड़े रखा।
‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ की टीम ने जिस तरह गाकर उन्हें विदाई दी, वह इस बात का प्रतीक है कि सतीश शाह ने सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि अपने साथ काम करने वालों के दिलों में भी गहरी जगह बनाई। उनकी यादें, संवाद और मुस्कान हमेशा दर्शकों के दिलों में ज़िंदा रहेंगी।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!