ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ एक बार फिर एक विज्ञापन से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में हैं। तीनों कलाकारों को पान मसाला विज्ञापन से जुड़े मामले में FDA की ओर से नोटिस भेजा गया था। अब तीनों ने इस नोटिस का कानूनी जवाब दाखिल कर दिया है।
कलाकारों ने क्या जवाब दिया?
मामले की सुनवाई के दौरान तीनों कलाकारों के वकीलों ने अपना पक्ष रखा। उनके मुताबिक कलाकारों का कॉन्ट्रैक्ट केवल माउथ फ्रेशनर यानी इलायची के विज्ञापन के लिए था। वकीलों ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट किसी प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद के विज्ञापन के लिए नहीं था। यही इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग विज्ञापन और उसके कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को किस तरह देखता है।
FDA ने नोटिस क्यों दिया?
पान मसाला और तंबाकू उत्पादों से जुड़े विज्ञापनों को लेकर भारत में पहले से नियम मौजूद हैं। कई मामलों में ब्रांड सीधे तंबाकू उत्पाद का विज्ञापन करने के बजाय इलायची या माउथ फ्रेशनर जैसे उत्पादों के नाम से विज्ञापन करते हैं। इसी तरह के विज्ञापनों को लेकर सरोगेट विज्ञापन की बहस लंबे समय से चलती रही है। सवाल यह होता है कि विज्ञापन वास्तव में किस उत्पाद को प्रमोट कर रहा है और दर्शकों तक उसका संदेश किस रूप में पहुंच रहा है।
विभाग अब क्या जांच रहा है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार FDA यह देख रहा है कि विज्ञापन कानून के तहत भ्रामक या सरोगेट विज्ञापन की श्रेणी में आता है या नहीं। इस मामले में अब तक दो औपचारिक सुनवाई होने की जानकारी दी गई है। इसका मतलब यह है कि अभी मामले पर अंतिम फैसला नहीं आया है। विभाग को कलाकारों और अन्य संबंधित पक्षों के जवाब देखने के बाद आगे की कार्रवाई तय करनी है।
बड़े सितारों के विज्ञापन पर क्यों होती है चर्चा?
जब किसी बड़े फिल्म स्टार का विज्ञापन सामने आता है तो उसका असर लाखों लोगों तक पहुंचता है। इसलिए तंबाकू, शराब या दूसरे संवेदनशील उत्पादों से जुड़े विज्ञापनों में कलाकारों की भूमिका को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। कलाकारों का पक्ष यह हो सकता है कि उन्होंने जिस उत्पाद के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया था, वह कानूनी उत्पाद था। वहीं नियामक यह देख सकता है कि विज्ञापन का पूरा प्रभाव और प्रस्तुति क्या है।
आगे की प्रक्रिया
अब FDA की समीक्षा के बाद इस मामले में आगे का फैसला सामने आएगा। अगर विभाग को लगता है कि विज्ञापन नियमों के दायरे में आता है तो आगे कानूनी प्रक्रिया हो सकती है। दूसरी तरफ कलाकारों ने अपने कॉन्ट्रैक्ट का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा है। फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि तीनों कलाकारों ने नोटिस का जवाब दे दिया है और मामला अभी समीक्षा की प्रक्रिया में है। अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
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