ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत लगातार देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में चीन ने भारतीय सेना का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया है। यह संदेश ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर लंबे समय तक तनाव रहने के बाद संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं।चीनी सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी-PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत में चीन के डिफेंस अताशे रियर एडमिरल यू जियान ने भारतीय सेना की सराहना करते हुए कहा कि चीन भारत की मदद को कभी नहीं भूलेगा।
केरल तट पर बचाई थी 12 चीनी नागरिकों की जान
रियर एडमिरल यू जियान ने अपने संबोधन में पिछले वर्ष केरल के तट पर हुए एक बड़े समुद्री हादसे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आग और विस्फोट का शिकार हुए एक कार्गो जहाज से भारतीय सेना और बचाव एजेंसियों ने 12 चीनी क्रू सदस्यों की सुरक्षित जान बचाई थी। उन्होंने कहा कि यह मानवीय सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का सकारात्मक उदाहरण है और चीन इस मदद के लिए भारत का आभारी है।
भारत-चीन संबंध सही दिशा में लौट रहे हैं
अपने संबोधन में यू जियान ने कहा कि भारत और चीन दोनों महत्वपूर्ण पड़ोसी देश हैं और दोनों विकास के अहम दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के रणनीतिक मार्गदर्शन में द्विपक्षीय संबंध फिर से सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग और मजबूत होगा।
सैन्य सहयोग बढ़ाने की जताई इच्छा
चीनी डिफेंस अताशे ने कहा कि चीन भारत के साथ सैन्य और राजनयिक स्तर पर संवाद जारी रखना चाहता है। उनका कहना था कि नियमित बातचीत, आपसी विश्वास और सहयोग के जरिए दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता और अपने नागरिकों के हितों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं और भविष्य में भी इस सहयोग को आगे बढ़ाया जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र मिशनों का भी किया जिक्र
यू जियान ने अपने भाषण में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारतीय और चीनी सेनाओं के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं ने अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण मिशनों में योगदान दिया है और कई बार अपने जवानों की कुर्बानी भी दी है। उनका मानना है कि दोनों देशों के साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक बड़े हैं और इसी सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
रिश्तों में दिख रही सकारात्मक प्रगति
हाल के महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठकों तथा दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच लगातार संवाद के बाद भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेत मिले हैं। दोनों देश सीमा विवाद सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत जारी रखते हुए रिश्तों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में चीन द्वारा भारतीय सेना की खुलकर सराहना और सहयोग बढ़ाने का संदेश दोनों देशों के संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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