ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि यदि चीन ईरान को हथियार उपलब्ध कराता है, तो यह अमेरिका के लिए बेहद निराशाजनक होगा। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भरोसा दिया था कि उनकी सरकार ईरान को हथियार नहीं बेचेगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि चीन निर्मित कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलें पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंच सकती हैं।
मीडिया रिपोर्टों से बढ़ी चिंता
पत्रकारों ने ट्रंप से उन रिपोर्टों पर सवाल पूछा, जिनमें कहा गया था कि आने वाले हफ्तों में चीन में बनी करीब 400 कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलें ईरान को मिल सकती हैं। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि इन हथियारों की आपूर्ति पाकिस्तान के रास्ते हो सकती है। इस पर ट्रंप ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो यह बेहद चौंकाने वाला होगा। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ने उनसे स्पष्ट रूप से कहा था कि चीन इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि यदि यह भरोसा टूटता है, तो उन्हें गहरी निराशा होगी।
ट्रंप बोले- शी जिनपिंग की बात पर भरोसा है
ट्रंप ने कहा कि मई में बीजिंग में हुई मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग ने उन्हें आश्वस्त किया था कि किसी भी परिस्थिति में चीन ईरान को हथियार नहीं देगा। उन्होंने कहा, "हमारे रिश्तों को देखते हुए, मैं उनकी बात पर भरोसा करता हूं। उन्होंने बहुत मजबूती से कहा था कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे।" हालांकि ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि यदि भविष्य में इसके विपरीत कोई जानकारी सामने आती है, तो वह अमेरिका के लिए चिंता का विषय होगा।
एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भी सामने आई रिपोर्ट
इससे पहले CNN की एक रिपोर्ट में खुफिया एजेंसियों के हवाले से दावा किया गया था कि चीन, ईरान को नया एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान हालिया संघर्षों के बाद अपने सैन्य संसाधनों की कमी को विदेशी सहयोगियों की मदद से पूरा करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि चीन की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रूस को लेकर भी दिया बयान
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हाल ही में चीन के साथ-साथ रूस को भी ईरान को सैन्य सहायता देने के खिलाफ चेतावनी दी थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि रूस फिलहाल ईरान को ऐसी कोई सैन्य मदद नहीं दे रहा है। ट्रंप के अनुसार, पुतिन अमेरिकी हथियार नीति को अच्छी तरह समझते हैं और उन्होंने भी इस मामले में सहयोग का आश्वासन दिया है।
ट्रुथ सोशल पर भी दोहराई बात
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि उनकी जानकारी के अनुसार चीन और रूस दोनों फिलहाल ईरान को हथियार उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसा होता है तो यह उन देशों के हित में भी नहीं होगा और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अमेरिका की बढ़ी निगरानी
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या रूस और चीन के खुफिया नेटवर्क ने हाल के सैन्य घटनाक्रमों के बाद ईरान के साथ किसी तरह की संवेदनशील जानकारी साझा की है। फिलहाल अमेरिका स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। वहीं, चीन, रूस और ईरान से जुड़े इन दावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। आधिकारिक तौर पर अभी तक चीन या रूस ने ईरान को नए हथियार उपलब्ध कराने की पुष्टि नहीं की है।
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