ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन ने देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। प्रदर्शनकारी महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक शासन के सख्त नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान सरकार ने ‘रेड लाइन’ पार कर दी है और अमेरिका कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है।
ट्रम्प का बयान: अमेरिका की नजर प्रदर्शनकारियों पर
पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि ईरान में जो हो रहा है, उस पर अमेरिका लगातार नजर बनाए हुए है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने रेड लाइन पार कर दी है, तो उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा है कि वे ऐसा करने लगे हैं।” ट्रम्प ने यह भी बताया कि अमेरिका ने ईरान से बातचीत का प्रस्ताव प्राप्त किया है, लेकिन हालात को देखते हुए पहले कार्रवाई करना पड़ सकता है क्योंकि मौतों की संख्या बढ़ रही है और गिरफ्तारियां जारी हैं।
ईरान में प्रदर्शन और हिंसा
ईरान में पिछले दो हफ्तों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है और 10,600 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए हैं। इनमें 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। राजधानी तेहरान में शनिवार को बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, लेकिन प्रदर्शनकारी मोबाइल फ्लैश के माध्यम से नारे लगाते रहे। ईरानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की अल-रसूल मस्जिद में आग लगा दी।
ईरानी अधिकारियों का आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिसवालों को मारने और जिंदा जलाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद की साजिश बताया। उन्होंने हमले का वीडियो भी शेयर किया। इस बीच भारत में फैली खबरों को ईरान ने खारिज किया कि किसी भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने सोशल मीडिया पर इसे पूरी तरह गलत बताया।
अमेरिका में ईरानी विरोध प्रदर्शन और हंगामा
लॉस एंजेलिस में भी ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन हुए। वेस्टवुड इलाके में प्रदर्शनकारियों की भीड़ में एक तेज रफ्तार ट्रक घुस गया, जिससे लोग भागने लगे। पुलिस ने ट्रक को कुछ ही ब्लॉक आगे रोक लिया। ट्रक की खिड़की और साइड मिरर टूट चुके थे। प्रदर्शनकारियों ने ड्राइवर पर हमला करने की कोशिश की।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला किया गया, तो अमेरिकी सैनिक और इजरायल निशाना होंगे। संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने कहा कि अमेरिकी बेस, जहाज और इजराइल के ठिकाने टारगेट होंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेताया कि गिरफ्तार लोगों के साथ सख्त कार्रवाई होगी।
ट्रम्प को सैन्य विकल्पों की ब्रीफिंग
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर ब्रीफिंग दी। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान की आजादी के समर्थन में तैयार है, लेकिन अंतिम फैसला अभी लिया जाना है।
ईरानी राष्ट्रपति का बयान
राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ईरान में दंगे भड़का रहे हैं और अराजकता फैलाना चाहते हैं। उन्होंने ईरानियों से कहा कि वे दंगाइयों और आतंकवादियों से दूर रहें।
ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शन
लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने 1979 की क्रांति से पहले इस्तेमाल होने वाला झंडा फहराया। इस दौरान ‘डेमोक्रेसी फॉर ईरान’ और ‘फ्री ईरान’ के नारे लगे। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई और तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
रजा पहलवी और क्राउन प्रिंस की मांग
ईरान में प्रदर्शनकारियों ने क्राउन प्रिंस रजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग उठाई है। रजा पहलवी को युवा और जेनरेशन Z के लोग लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं। 65 वर्षीय रजा पहलवी ने अमेरिका से देश लौटने की तैयारी की बात कही और सोशल मीडिया पर लिखा कि वे राष्ट्रीय क्रांति की जीत के समय ईरान की जनता के बीच खड़े होंगे।
आर्थिक संकट और महंगाई
ईरान में आर्थिक संकट गहराया है। रियाल डॉलर के मुकाबले गिरकर 1.45 मिलियन तक पहुंच गया है। खाद्य वस्तुओं की कीमत में 72% और दवाओं की कीमत में 50% तक वृद्धि हुई है। 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव आम लोगों में नाराजगी बढ़ा रहा है। महंगाई और बेरोजगारी प्रदर्शन का मुख्य कारण हैं।
कुल मिलाकर, ईरान में राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और युवा विरोध प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए चुनौती बन गए हैं। ट्रम्प की चेतावनी और वैश्विक प्रतिक्रियाएं इस क्षेत्र की सुरक्षा और भविष्य की दिशा तय करेंगी।
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