ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने कड़ा जवाब दिया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ कहा कि यदि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई की गई तो उसका "जबरदस्त और निर्णायक" जवाब दिया जाएगा। दोनों देशों के बयानों से साफ है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव कम होने के बजाय और गंभीर होता जा रहा है।
ट्रंप ने क्या दी चेतावनी?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कहा कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर मिसाइल, ड्रोन, रॉकेट या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में ईरान के किसी पुल या बिजली संयंत्र (पावर प्लांट) को निशाना बनाएगा। ट्रंप के इस बयान को ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ सीधी चेतावनी माना जा रहा है।
ईरान का जवाब- 'हर आंख के बदले आंख'
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान की रक्षा नीति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने लिखा कि "हर आंख के बदले एक आंख" हमारा सिद्धांत है। उनके अनुसार यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया तो उसका निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश या पक्ष ऐसी किसी कार्रवाई में सहयोग करेगा, उसे भी संभावित लक्ष्य माना जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
युद्ध का दायरा बढ़ने की चिंता
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने लगातार कई रातों तक ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैन्य अभियान जारी रखा है। वहीं, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर भी लाल सागर क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन घटनाओं के कारण पश्चिम एशिया में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका जताई जा रही है।
दुनिया की बढ़ी चिंता
विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही, अमेरिका में आगामी चुनावों और दुनिया भर में बढ़ती तेल कीमतों के बीच यह संकट वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, तो दूसरी ओर ईरान ने भी किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की बात कही है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य और पूरे पश्चिम एशिया में तनाव फिलहाल कम होता नहीं दिख रहा। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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