ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गाजा में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ सीजफायर (युद्धविराम) टूट गया है। इजराइल ने दावा किया है कि हमास ने पहले युद्धविराम का उल्लंघन किया और गाजा में तैनात उसके सैनिकों पर हमला किया। इसके बाद इजराइली सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हवाई हमले किए, जिनमें 30 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है।
गाजा के कई इलाकों को बनाया निशाना
मंगलवार को इजराइल की ओर से किए गए हमले गाजा सिटी, खान यूनिस, बेत लहिया और अल-बुरैज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों पर केंद्रित रहे। गाजा के अस्पतालों के अनुसार, मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। गाजा सिटी के साबरा इलाके में एक घर पर बम गिरने से तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हुई। इससे पहले इजराइल और हमास के बीच 20 दिन पहले सीजफायर समझौता हुआ था, लेकिन अब हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं।
हमास ने आरोपों से किया इनकार
इजराइल का कहना है कि हमास ने उसके सैनिकों पर हमला किया और मृत बंधकों के शव लौटाने के समझौते का उल्लंघन किया। इजराइली रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज़ ने कहा, “हमास ने रेड लाइन पार की है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।”
वहीं, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा पट्टी में तुरंत जवाबी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके जवाब में हमास ने कहा कि उसने किसी भी हमले में हिस्सा नहीं लिया और वह सीजफायर का पूरा पालन कर रहा है। संगठन का दावा है कि इजराइल बेबुनियाद आरोप लगाकर हमले का बहाना बना रहा है।
शवों की वापसी पर भी टकराव
दोनों पक्षों के बीच तनाव की एक बड़ी वजह बंधकों के शवों की वापसी है। इजराइल का आरोप है कि हमास ने युद्धविराम समझौते के तहत लौटाया गया शव गलत बताया। नेतन्याहू ने कहा, “हमास ने हमारे सैनिकों के शव लौटाने की शर्त का उल्लंघन किया है।”
दूसरी ओर, हमास का कहना है कि इजराइली हमलों की वजह से शवों की तलाश मुश्किल हो गई है। वर्तमान में गाजा में 13 बंधकों के शव अब भी नहीं मिले हैं। मिस्र ने शव खोजने के लिए विशेषज्ञों और भारी मशीनरी भेजी है।
वेस्ट बैंक में भी झड़प, तीन फिलिस्तीनी ढेर
तनाव केवल गाजा तक सीमित नहीं है। मंगलवार सुबह इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक के जेनिन इलाके में छापा मारा, जिसमें तीन फिलिस्तीनी लड़ाके मारे गए।
इजराइल का कहना है कि ये लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल थे। हमास ने पुष्टि की कि उनमें से दो उसकी कासिम ब्रिगेड से जुड़े थे। फिलिस्तीनी संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने आरोप लगाया है कि इजराइल की कार्रवाइयों में निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं।
ट्रम्प की शांति योजना फिर सवालों में
यह सीजफायर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता से हुआ था। 29 सितंबर को उन्होंने 20 सूत्री शांति योजना पेश की थी, जिसमें हमास के हथियार डालने की शर्त शामिल थी। 13 अक्टूबर को मिस्र के शर्म अल शेख शहर में इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन इजराइल और हमास को इसमें नहीं बुलाया गया था। अब यह समझौता टूटने के कगार पर है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते दो वर्षों में 68,500 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। नई हिंसा ने एक बार फिर क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है, जबकि मानवीय संकट पहले से ही चरम पर है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!