ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच गाजा पट्टी में एक बार फिर बड़ा हवाई हमला हुआ है। इजरायली सेना ने 29 जुलाई को गाजा सिटी स्थित अल-मुत्ताकीन मस्जिद को निशाना बनाते हुए दावा किया कि इस धार्मिक स्थल का इस्तेमाल हमास हथियारों के गोदाम के रूप में कर रहा था। हमले के बाद इलाके में आग और धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दिया, जबकि आसपास लगे विस्थापित फिलिस्तीनियों के कई टेंट भी इसकी चपेट में आ गए।
मस्जिद पर हमले के बाद मची अफरा-तफरी
हमले के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए। धमाके के बाद कई फिलिस्तीनी मलबे में अपने परिजनों और सामान की तलाश करते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, विस्थापित परिवार लंबे समय से मस्जिद के आसपास बने अस्थायी टेंटों में रह रहे थे।
इजरायल का दावा- मस्जिद में रखा था हथियारों का जखीरा
इजरायली सेना ने बयान जारी कर कहा कि पिछले एक सप्ताह में गाजा के मध्य और उत्तरी हिस्सों में हमास के कई हथियार गोदामों को नष्ट किया गया है। सेना के मुताबिक, अल-मुत्ताकीन मस्जिद के भीतर भी हथियारों का भंडार बनाया गया था, इसलिए उसे निशाना बनाया गया। इजरायल का यह भी कहना है कि हमले से पहले नागरिकों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी गई थी ताकि आम लोगों को नुकसान न पहुंचे।
युद्धविराम के बावजूद जारी है हिंसा
हालांकि इजरायल और हमास के बीच अक्टूबर 2025 में लागू हुआ युद्धविराम अभी भी औपचारिक रूप से प्रभावी है, लेकिन गाजा में हिंसा लगातार जारी है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के बाद भी अब तक 1,207 लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायली सेना लगातार उन स्थानों पर कार्रवाई कर रही है, जहां उसे हमास के लड़ाकों या हथियारों के छिपे होने का संदेह है। दूसरी ओर, स्थायी युद्धविराम और शांति समझौते की कोशिशें अब भी ठप पड़ी हुई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, हमले से पहले दर्जनों फिलिस्तीनी इलाके को खाली करते दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शी शेहादेह बदावी ने कहा कि युद्धविराम के बावजूद रोजाना हमले हो रहे हैं। उनका कहना था कि आम नागरिक लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं और हर दिन किसी न किसी इलाके में बमबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने लगाया आरोप
गाजा के धार्मिक मामलों और वक्फ मंत्रालय के महानिदेशक आमिर अबू अल-अमरैन ने आरोप लगाया कि इजरायली हवाई हमले में मस्जिद पूरी तरह तबाह हो गई। उन्होंने कहा कि इजरायल सैन्य ठिकानों की मौजूदगी का दावा कर धार्मिक स्थलों पर हमलों को सही ठहराने की कोशिश करता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग भी की।
यूनेस्को ने भी जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए गाजा संघर्ष के दौरान 24 मार्च 2026 तक कुल 164 सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंच चुका है। इनमें 14 धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को हो रहे नुकसान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चिंता जताई जा रही है, जबकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिशें अभी भी सफल नहीं हो सकी हैं।
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