ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले परिधानों को लेकर नए कानून की योजना की घोषणा की है। सरकार इस विषय पर संसद में एक विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव में स्कूलों में चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध के साथ विदेशी छात्रों की कक्षाओं में संख्या सीमित करने की योजना का भी उल्लेख किया गया है।
क्या है प्रस्ताव?
प्रस्तावित नियम का मुख्य फोकस स्कूलों में चेहरा ढकने वाले परिधानों पर है। इसमें बुर्का और नकाब जैसे कपड़ों को लेकर प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा गया है।हालांकि अभी यह समझना जरूरी है कि यह घोषणा एक प्रस्तावित कानून से जुड़ी है। इसे संसद की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसलिए इसे पूरे इटली में लागू हो चुका कानून मानना सही नहीं होगा।
विदेशी छात्रों से जुड़ा दूसरा प्रस्ताव
इस योजना में विदेशी छात्रों को लेकर भी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। सरकार कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने की दिशा में नियम लाने की बात कर रही है। यह मुद्दा शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक एकीकरण और स्कूलों में अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों की मौजूदगी से जुड़ा है। प्रस्तावित नियमों को लेकर आगे संसद में राजनीतिक चर्चा होने की संभावना है।
यूरोप के अन्य देशों का संदर्भ
चेहरा ढकने वाले परिधानों को लेकर यूरोप के कई देशों में अलग-अलग नियम पहले से मौजूद हैं। संबंधित रिपोर्ट में फ्रांस और बेल्जियम में ऐसी पाबंदियों का उल्लेख किया गया है। ऑस्ट्रिया में स्कूलों से जुड़े प्रतिबंधों का भी संदर्भ दिया गया है। हालांकि हर देश के कानून, दायरा और लागू करने की प्रक्रिया अलग है। इसलिए अलग-अलग देशों के नियमों को एक जैसा मानना उचित नहीं होगा।
आगे क्या होगा?
अब नजर इटली की संसद में आने वाले प्रस्ताव पर रहेगी। कानून का अंतिम स्वरूप संसदीय प्रक्रिया और राजनीतिक बहस के बाद तय होगा। इस मुद्दे पर धार्मिक स्वतंत्रता, सार्वजनिक संस्थानों में पहचान, स्कूलों की नीति और सामाजिक एकीकरण जैसे सवाल भी चर्चा में आ सकते हैं। सरकार इसे किस तरह लागू करना चाहती है और संसद में इसे कितना समर्थन मिलता है, इससे आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि मेलोनी सरकार ने इस दिशा में विधायी कदम उठाने की योजना घोषित की है, जबकि अंतिम कानून अभी संसदीय प्रक्रिया से गुजरना बाकी है।
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