ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत और रूस के बीच रिश्ते सिर्फ आज की रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के संबंधों का इतिहास कई दशक पुराना है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के साथ खड़ा था, रूस ने भारत का साथ दिया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच भारत अपने पुराने साझेदारों के साथ रिश्तों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।
कश्मीर का भी किया जिक्र
जयशंकर ने भारत-रूस संबंधों की चर्चा करते हुए कश्मीर से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मामलों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, पिछले करीब 70 वर्षों में कई ऐसे मौके आए जब रूस ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का समर्थन किया। कश्मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। ऐसे में रूस के रुख को भारत की विदेश नीति में काफी अहम माना जाता है।
रूस-पाकिस्तान के बदलते रिश्ते
हाल के वर्षों में रूस और पाकिस्तान के बीच भी संपर्क बढ़ा है। दोनों देशों के बीच सैन्य, ऊर्जा और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत होती रही है। इससे भारत-रूस संबंधों को लेकर कभी-कभी सवाल उठते हैं। भारत की नीति यह रही है कि किसी तीसरे देश के साथ रूस के रिश्ते उसके अपने संबंधों को खत्म नहीं करते। भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और रणनीतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्र हैं।
भारत के लिए रूस क्यों अहम?
रूस लंबे समय से भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार रहा है। भारतीय सैन्य व्यवस्था में रूसी मूल के कई हथियार और सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद भारत ने रूस के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं। भारत ने लगातार यह कहा है कि उसके फैसले उसके राष्ट्रीय हितों के हिसाब से होते हैं।
बदलती दुनिया में संतुलन
आज भारत के सामने विदेश नीति की चुनौती पहले से ज्यादा जटिल है। एक तरफ अमेरिका और यूरोप के साथ संबंध मजबूत हो रहे हैं, दूसरी तरफ रूस के साथ पुरानी साझेदारी भी बनी हुई है। साथ ही भारत की चीन और पाकिस्तान को लेकर अपनी सुरक्षा चिंताएं हैं। ऐसे माहौल में जयशंकर का रूस के पुराने समर्थन का जिक्र यह बताता है कि भारत अपने ऐतिहासिक रिश्तों को अभी भी महत्व देता है। आने वाले समय में रूस और भारत के रिश्ते किस तरह आगे बढ़ते हैं, इस पर दुनिया की भी नजर रहेगी।
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