ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है। बाढ़ से कई बस्तियां और इमारतें प्रभावित हुई हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 400 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है और कम से कम 105 भारतीयों के भी लापता होने का दावा किया जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
भारत ने नेपाल के लिए भेजी राहत सामग्री
नेपाल में आई इस आपदा पर भारत भी लगातार नजर बनाए हुए है। भारत सरकार ने पड़ोसी देश की मदद के लिए 10 टन HADR यानी Humanitarian Assistance and Disaster Relief सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजी हैं। इसके लिए भारतीय वायुसेना का विमान रवाना किया गया है। इसके साथ ही भारत ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF को भी अलर्ट पर रखा है। नेपाल में स्थिति बिगड़ने और भारत की सीमा से लगे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने की स्थिति में राहत एवं बचाव टीमों को तुरंत इस्तेमाल किया जा सकेगा।
गंडक नदी को लेकर बिहार और यूपी में अलर्ट
नेपाल में अचानक बढ़े जलस्तर का असर भारत में भी दिखाई दे सकता है। सेंट्रल वाटर कमीशन की सलाह और सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक नेपाल-चीन सीमा के पास संभावित GLOF यानी ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड जैसी गतिविधि के कारण फुरके खोला के पास त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा।ऐसी आशंका है कि बाढ़ का पानी आगे चलकर गंडक नदी में पहुंच सकता है। इसी वजह से भारत-नेपाल सीमा के पास बिहार और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को सतर्क रहने और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
बिहार में NDRF की 9 टीमें तैनात
गंडक नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए बिहार में NDRF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में कुल 9 NDRF टीमें तैनात हैं। पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर में भी राहत एवं बचाव के लिए दो टीमें भेजी गई हैं। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो NDRF की अतिरिक्त टीमों को भी तुरंत तैनात किया जा सकता है।
कुशीनगर में भी NDRF की अतिरिक्त टीम
उत्तर प्रदेश में भी संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। गंडक नदी के करीब स्थित कुशीनगर जिले में NDRF की एक अतिरिक्त टीम तैनात की गई है। बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चेतावनी और बचाव कार्यों के लिए कुल 11 टीमें तैनात हैं। NDRF राज्य सरकार, बिहार सरकार और सेंट्रल वाटर कमीशन के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रही है।
करीब 300 विदेशी नागरिक लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक करीब 400 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 NRI होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी लापता लोगों की सूची में शामिल हैं। कुछ लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
सेना और पुलिस ने संभाला मोर्चा
लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को अभियान में लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकालने और लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन, खोजी कुत्तों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 14 हेलीकॉप्टर राहत और बचाव अभियान में लगाए गए हैं।
बाढ़ की वजह अभी साफ नहीं
नेपाल की भोटे कोशी नदी में अचानक आए उफान की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि रसुवा में हुई बारिश को इस बाढ़ की सीधी वजह नहीं माना जा रहा है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं यह घटना ग्लेशियर झील के फटने, भूस्खलन या सीमा के तिब्बती हिस्से में हुई किसी अन्य प्राकृतिक घटना की वजह से तो नहीं हुई।
रसुवा में सबसे ज्यादा तबाही
रिपोर्ट्स के अनुसार रसुवा जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ है। सीमा शुल्क परिसर में रखे वाहन और सामान पानी के तेज बहाव में बह गए। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ की चपेट में आकर नष्ट हो गया। नदी के किनारे बसे कई गांव और बस्तियां भी प्रभावित हुई हैं। इनमें स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सलेटार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खाल्टी बस्ती, सोल, त्रिशूली और बत्तर जैसे इलाके शामिल हैं। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। वहीं भारत में बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रशासन को संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क किया गया है। आने वाले घंटों में नदियों के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी पर नजर रखना बेहद अहम होगा।
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