ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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Operation Sindoor को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सिर्फ सैन्य कार्रवाई के दौरान ही नहीं, बल्कि उसके बाद भी narrative की लड़ाई जारी है। अब Discovery की नई documentary ‘Declassified: Operation Sindoor’ को लेकर पाकिस्तान की सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह documentary 15 अगस्त को रिलीज हुई और इसमें Operation Sindoor के दौरान भारत की military planning, decision-making और ground-level operations को दिखाने की कोशिश की गई है।
क्या है ‘Declassified: Operation Sindoor’?
Discovery की यह दो हिस्सों वाली documentary Operation Sindoor के दौरान हुई घटनाओं को भारत के नजरिए से सामने रखने की कोशिश करती है। इसमें भारतीय सैन्य अधिकारियों, जवानों, defence experts और journalists के interviews शामिल हैं। Documentary करीब 88 घंटे चले पूरे operation की planning और उसके पीछे की कहानी को समझाने का दावा करती है। इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भारत ने किस तरह operation की planning की और ground पर इसे कैसे execute किया गया।
Pakistan की सेना ने क्या कहा?
Documentary सामने आने के बाद पाकिस्तान की सेना के media wing यानी Inter-Services Public Relations (ISPR) ने इसकी आलोचना की। ISPR ने documentary में Operation Sindoor को लेकर भारत की तरफ से पेश की गई कहानी को खारिज किया और इसे ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ बताया।पाकिस्तानी सेना का कहना है कि documentary में 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव की तस्वीर सही तरीके से पेश नहीं की गई है।
Narrative की लड़ाई क्यों महत्वपूर्ण है?
Operation Sindoor के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने-अपने दावे दुनिया के सामने रखे। पाकिस्तान की तरफ से भारतीय विमानों को नुकसान पहुंचाने और भारतीय military targets को निशाना बनाने के दावे किए गए। वहीं भारत की तरफ से पाकिस्तान से जुड़े कई social media accounts पर गलत और manipulated information फैलाने के आरोप लगाए गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई videos और photos वायरल हुए। इनमें से कुछ पुराने निकले, कुछ गलत context में इस्तेमाल किए गए और कुछ digitally manipulated पाए गए। यानी लड़ाई सिर्फ मैदान पर नहीं थी। Information और narrative की लड़ाई भी काफी बड़ी थी।
भारतीय agencies का क्या आकलन है?
News reports में भारतीय intelligence agencies के हवाले से कहा गया है कि documentary पाकिस्तान के post-conflict narrative के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। भारतीय agencies के मुताबिक पाकिस्तान ने documentary की कहानी और credibility पर सवाल उठाए हैं, लेकिन अपने दावों को साबित करने के लिए कोई नया independently verified battlefield record, satellite imagery या operational log सामने नहीं रखा है। हालांकि इन assessments को भी संबंधित भारतीय agencies के दावे के तौर पर ही देखना चाहिए।
Pakistan ने भी बनाई थी अपनी Documentary
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि Pakistan की military media wing ISPR ने जुलाई 2025 में Operation Sindoor और उस दौरान हुए conflict पर अपनी documentary जारी की थी। उस documentary में पाकिस्तान ने भारतीय विमानों को नुकसान पहुंचाने और अपने military claims को सही साबित करने की कोशिश की थी। यानी दोनों देशों की तरफ से conflict की अलग-अलग तस्वीर पेश की गई है।
असली सवाल क्या है?
Operation Sindoor को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन-सा दावा कितना सही है। किसी भी military conflict में दोनों पक्ष अपनी-अपनी कहानी दुनिया के सामने रखते हैं। इसलिए सिर्फ किसी documentary, social media post या official statement के आधार पर किसी भी दावे को अंतिम सच मानना ठीक नहीं है। सबसे भरोसेमंद जानकारी के लिए independently verified evidence, satellite imagery, official records और credible investigations को देखना जरूरी है।
फिलहाल ‘Declassified: Operation Sindoor’ के सामने आने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच narrative war एक बार फिर तेज हो गई है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष अपने दावों के समर्थन में कितने ठोस सबूत सामने रखते हैं।
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