ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य TTP के प्रमुख मुफ्ती नूर वली मेहसूद थे। मेहसूद 2018 से TTP की कमान संभाल रहे थे और पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों में आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
मुफ्ती नूर वली मेहसूद कौन हैं?
नूर वली मेहसूद का जन्म 26 जून 1978 को पाकिस्तान के दक्षिणी वजीरिस्तान में हुआ था। वे पाकिस्तान के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों में शामिल थे। मुल्ला फजलुल्लाह की मौत के बाद उन्होंने TTP की कमान संभाली। TTP का गठन 2007 में बेतुल्लाह मेहसूद द्वारा अमेरिका के अफगानिस्तान हमले के जवाब में किया गया था।
2003 में नूर वली मेहसूद ने एक जिहादी गुट में हिस्सा लिया और बाद में 2007 में TTP में शामिल हो गए। 2013 तक वे कराची में TTP की गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। उनका नेटवर्क जबरन वसूली और अपहरण के माध्यम से फंड जुटाने के लिए जाना जाता था। उन्होंने TTP की ‘तालिबान अदालतों’ का संचालन कर विवाद सुलझाने का आदेश दिया और नियम पालन न करने वालों को हिंसा का सामना करना पड़ता था।
TTP पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा
तालिबान के 2021 में सत्ता में आने के बाद से TTP ने पाकिस्तान में सुरक्षा बलों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध शुरू कर दिया है। TTP पाकिस्तान में पिछले बारह सालों से सबसे बड़ा आतंकवादी खतरा बनी हुई है। पाकिस्तान का आरोप है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान में प्रशिक्षण लेकर पाकिस्तान लौटकर हमले करते हैं।
हालांकि अफगान तालिबान का कहना है कि वह TTP का समर्थन नहीं करता। लेकिन आतंकवादी हमलों की संख्या 2015 के बाद सबसे अधिक हो गई है और इसके लिए TTP जिम्मेदार माना जाता है। वैश्विक आतंकवाद सूचकांक में पाकिस्तान इस वजह से आतंकवाद प्रभावित देशों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच गया।
TTP का गठन और इतिहास
2001 में अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला किया। इस दौरान कई लड़ाके पाकिस्तान के कबाइली इलाकों में छिप गए। पाकिस्तान ने अमेरिका के हमले का समर्थन किया। इससे नाराज होकर 2007 में बेतुल्लाह मेहसूद ने 13 विद्रोही गुटों को मिलाकर TTP का गठन किया। इस संगठन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों में शरिया कानून लागू किया और सुरक्षा बलों, विदेशी सैनिकों, यूनिवर्सिटीज और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया।
एयरस्ट्राइक और वर्तमान स्थिति
पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि एयरस्ट्राइक में मुफ्ती नूर वली मेहसूद को मार दिया गया। हालांकि TTP ने एक ऑडियो मैसेज जारी कर कहा कि उन पर हमला नहीं हुआ। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी भारत दौरे पर थे।
पाकिस्तानी सेना और अमेरिकी ड्रोन हमलों के बावजूद TTP को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका। 2018 में पाकिस्तान ने TTP पर जीत की घोषणा की थी, लेकिन संगठन फिर सक्रिय हो गया। इस एयरस्ट्राइक के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
TTP के लिए एक बड़ा झटका
पाकिस्तान की यह एयरस्ट्राइक TTP के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। मुफ्ती नूर वली मेहसूद के कथित तौर पर मारने का दावा संगठन और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि TTP का जवाब और अफगान तालिबान की स्थिति इस घटना के असर को आगे तय करेगी। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति और आतंकवाद पर नियंत्रण की कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है।
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