ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली में इस समय दुनिया के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय राजनीति का माहौल काफी गर्म है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और राजधानी में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां चल रही हैं। पुतिन के भारत पहुंचने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली मुलाकात पर है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत भारत और रूस के रिश्तों के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।
दिल्ली पहुंचते ही हुआ गर्मजोशी से स्वागत
रूसी राष्ट्रपति का विमान दिल्ली पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री केवी सिंह ने उनकी अगवानी की। भारत और रूस के रिश्ते कई दशकों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, कारोबार और तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग रहा है। ऐसे में पुतिन का भारत दौरा सिर्फ BRICS बैठक तक सीमित नहीं है। इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करने पर भी बातचीत होगी। पुतिन से पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव भी भारत पहुंच चुके थे। इससे यह संकेत मिलता है कि रूस इस दौरे को काफी अहम मान रहा है।
PM मोदी के साथ होगी आमने-सामने बातचीत
भारत दौरे के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। इस बातचीत में भारत-रूस व्यापार, निवेश, उद्योग, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा दुनिया में चल रहे बड़े संघर्षों और तेजी से बदल रहे वैश्विक हालात पर भी दोनों नेताओं की नजर रहेगी। भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच दोनों देशों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपने पुराने रिश्तों को नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ाएं।
INNOPROM प्रदर्शनी का भी दौरा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन सिर्फ बैठक तक सीमित नहीं रहेंगे। दोनों नेता INNOPROM India प्रदर्शनी का दौरा भी करेंगे। यह प्रदर्शनी दोनों देशों के उद्योग और व्यापार मंत्रालयों की ओर से आयोजित की गई है। इसका मकसद दोनों देशों के कारोबारियों और उद्योग जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। ऐसे में पुतिन की मौजूदगी में भारत और रूस के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर भी चर्चा हो सकती है। यह हिस्सा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देश अपने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
BRICS में कई बड़े नेता होंगे शामिल
पुतिन का भारत दौरा BRICS शिखर सम्मेलन के कारण और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। BRICS के मूल सदस्यों में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। बाद में संगठन का विस्तार हुआ और इसमें कई नए देश भी जुड़े। इस बार सम्मेलन में अलग-अलग देशों के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत आने वाले हैं। इसके अलावा ईरान, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया और मिस्र जैसे देशों के शीर्ष नेताओं के साथ भी अलग-अलग बैठकें होने की संभावना है। यानी दिल्ली में होने वाली यह बैठक सिर्फ कुछ देशों की बातचीत नहीं होगी, बल्कि बदलती दुनिया में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका पर भी इसका असर देखा जा सकता है।
BRICS में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
BRICS सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम 12 सितंबर से शुरू होगा। बैठक में राजनीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त के साथ सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत की अध्यक्षता में BRICS के एजेंडे में कई नई पहल भी रखी जा सकती हैं। नेताओं के बीच मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी होगा। इस सम्मेलन का एक बड़ा उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। खासकर ऐसे समय में जब दुनिया में व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति को लेकर कई बड़े बदलाव हो रहे हैं।
पुतिन की दूसरे नेताओं से भी होगी मुलाकात
भारत दौरे के दौरान पुतिन सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी से ही नहीं मिलेंगे। उनकी कई दूसरे देशों के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी समेत कई नेताओं से उनकी मुलाकात हो सकती है। इससे साफ है कि पुतिन का भारत दौरा BRICS से जुड़े व्यापक कूटनीतिक एजेंडे का हिस्सा है।
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मौजूदगी भी अहम
इस BRICS सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी भी खास मानी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यह सात साल में उनकी पहली भारत यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और जिनपिंग के बीच भी द्विपक्षीय बातचीत प्रस्तावित है। दोनों देशों के रिश्तों में सीमा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत पर भी दुनिया की नजर रहेगी।
13 सितंबर को होगा अगला बड़ा चरण
पुतिन का भारत दौरा 13 सितंबर तक चलेगा। 12 सितंबर को BRICS का मुख्य सम्मेलन शुरू होने के बाद 13 सितंबर को Expanded BRICS Meeting होगी। इसमें सदस्य देशों के अलावा पार्टनर देशों और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। सम्मेलन के अंत में कई मुद्दों पर बनी सहमति को अंतिम दस्तावेज में शामिल किए जाने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर पुतिन का भारत दौरा कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। एक तरफ भारत और रूस के पुराने रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी, तो दूसरी तरफ BRICS के जरिए बदलती वैश्विक राजनीति पर भी बड़ा संदेश जाएगा। अब सबसे ज्यादा नजर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक पर है, क्योंकि दोनों नेताओं की बातचीत आने वाले समय में भारत-रूस संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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