ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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क्या है पूरा मामला?
यह झड़प उस वक्त शुरू हुई जब पाकिस्तानी सेना डूरंड लाइन पर बाड़ लगाने का काम कर रही थी। तालिबान इस बाड़ लगाने का लंबे समय से विरोध करता रहा है, क्योंकि वे डूरंड लाइन को एक अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देते हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई।
डूरंड लाइन का विवाद
डूरंड लाइन 2,670 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसे 1893 में ब्रिटिश इंडिया और अफगान शासकों के बीच एक समझौते के तहत खींचा गया था। अफगानिस्तान ने इसे कभी भी एक स्थायी अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में स्वीकार नहीं किया। तालिबान भी पिछली अफगान सरकारों की तरह ही इस लाइन को नहीं मानता, जिसके कारण अक्सर पाकिस्तान के साथ उसका टकराव होता रहता है।
बढ़ता तनाव और उसके मायने
जब से तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता संभाली है, यह उम्मीद की जा रही थी कि पाकिस्तान के साथ उसके संबंध बेहतर होंगे। लेकिन डूरंड लाइन और TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) जैसे मुद्दों को लेकर दोनों के बीच दूरियां बढ़ी हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि TTP के आतंकी अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करके पाकिस्तान में हमले करते हैं, जबकि तालिबान इससे इनकार करता है। यह ताजा झड़प दिखाती है कि दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी गहरा रही है और सीमा पर शांति अभी भी एक दूर का सपना है।
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