ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार को वॉशिंगटन में हुई बैठक के बाद ईरान पर कोई निर्णायक समझौता नहीं हुआ। यह बैठक ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद नेतन्याहू के साथ सातवीं मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने दो घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे में चर्चा की।
बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि कोई पक्का फैसला नहीं हुआ, लेकिन बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “ईरान से बातचीत चलती रहनी चाहिए, ताकि देखा जा सके कि कोई समझौता बन पाता है या नहीं। अगर समझौता हो गया तो वही हमारी पहली पसंद होगी, अन्यथा आगे क्या करना है, वह बाद में देखा जाएगा।”
ईरान पर कोई बड़ी सफलता नहीं
बैठक में नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल और क्षेत्रीय गतिविधियों पर अपनी चिंताओं को उठाया। उन्होंने इजरायल की सुरक्षा जरूरतों को प्रमुखता दी, लेकिन इसका कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला कि ट्रंप ने उनकी मांगें मान ली हैं।
इजरायली अधिकारियों का कहना है कि केवल परमाणु समझौता ईरान की विस्तृत सैन्य क्षमता को नियंत्रित नहीं कर सकता। ट्रंप ने कहा कि यदि कूटनीति काम नहीं आई तो सैन्य विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, ईरान ने किसी भी हमले का बदला लेने की चेतावनी दी है, जिससे मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।
मिसाइल और परमाणु हथियार पर ट्रंप की टिप्पणी
फॉक्स बिजनेस को इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसा संतोषजनक समझौता चाहिए जिसमें कोई परमाणु हथियार और कोई मिसाइल न हों। उन्होंने और कोई विवरण साझा नहीं किया, लेकिन एक्सियोस को बताया कि वे क्षेत्र में दूसरी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भेजने पर विचार कर रहे हैं।
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगियों को बातचीत में जोड़ने का प्रयास स्वीकार नहीं करेंगे।
गाज़ा और “बोर्ड ऑफ पीस” पर चर्चा
बैठक में गाज़ा पर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने संघर्ष विराम और पुनर्निर्माण योजना को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन हमास के हथियार छोड़ने और इजरायली सैनिकों के पीछे हटने पर मतभेद होने के कारण प्रगति धीमी रही।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल में शामिल होगा। उन्होंने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि इजरायल ने इस पहल में भागीदारी के लिए हस्ताक्षर किए।
ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मैंने अभी प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी टीम से मुलाकात की। बैठक अच्छी रही और हमारे देशों के रिश्ते हमेशा की तरह मजबूत हैं। इस बैठक में कोई पक्का फैसला नहीं हुआ, बस इतना तय हुआ कि ईरान से बातचीत चलती रहनी चाहिए। पिछली बार ईरान ने समझौता नहीं किया था और उसे ‘मिडनाइट हैमर’ का झटका लगा था। उम्मीद है इस बार वे ज्यादा समझदारी और जिम्मेदारी दिखाएंगे। हमने गाज़ा और पूरे इलाके में हो रही तरक्की पर भी बात की। सच में, मध्य पूर्व में शांति है।”
ट्रंप और नेतन्याहू की यह बैठक कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि किसी निर्णायक समझौते पर सहमति नहीं बनी, लेकिन दोनों देशों ने बातचीत जारी रखने और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सहयोग बनाए रखने का आश्वासन दिया। ईरान पर दबाव, गाज़ा के हालात और “बोर्ड ऑफ पीस” पहल भविष्य में मध्य पूर्व की राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं।
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