ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच अब ओमान भी चर्चा के केंद्र में आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ओमान अमेरिका के रास्ते में आता है या ईरान के साथ ऐसा कोई समझौता करता है, जो अमेरिकी कोशिशों में रुकावट बने, तो अमेरिका उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप की यह धमकी ऐसे समय आई है, जब ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत कर रहे हैं। ईरान ने बताया है कि दोनों देशों के बीच समुद्री रास्ते के एक नक्शे को लेकर समझ बन गई है।
आखिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल कारोबार के लिए भी यह रास्ता बेहद अहम है। ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही रुकने या कम होने से सिर्फ अमेरिका, ईरान या ओमान पर असर नहीं पड़ेगा, बल्कि पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। हाल के दिनों में इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही काफी कम हुई है और इसके चलते वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ी है।
ईरान और ओमान के बीच क्या बातचीत हो रही है?
ईरान और ओमान होर्मुज से commercial ships की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पक्ष एक ऐसे समुद्री रास्ते पर काम कर रहे हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू किया जा सके। ईरान ने 17 अगस्त को कहा कि ओमान के साथ transit route के नक्शे को लेकर समझ बन गई है। दोनों देशों के बीच आगे की व्यवस्था को लेकर बातचीत जारी है। यही कोशिश अमेरिका की रणनीति के लिए परेशानी बनती दिखाई दे रही है।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि अगर ओमान इस मामले में अमेरिकी कोशिशों के रास्ते में आता है, तो अमेरिका उस पर हमला कर सकता है। यह बयान उन्होंने Fox News को दिए इंटरव्यू के दौरान दिया। ट्रंप ने ईरान पर भी दबाव बढ़ाते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने ईरान से आत्मसमर्पण करने की मांग भी दोहराई।
60 दिन का समझौता भी खत्म
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 60 दिन का अंतरिम समझौता 17 अगस्त को खत्म हो गया। इस दौरान दोनों देशों के बीच स्थायी समझौते की दिशा में कोई बड़ा breakthrough नहीं हुआ। ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि अमेरिका पुराने अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाने के बजाय अपनी शर्तों पर नया समझौता चाहता है।
ओमान के लिए यह धमकी क्यों बड़ी बात है?
ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में अमेरिका की ओर से ओमान को सैन्य कार्रवाई की धमकी देना इस पूरे विवाद को और गंभीर बनाता है। अगर होर्मुज में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर तेल की सप्लाई, शिपिंग और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। फिलहाल ईरान और ओमान बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ईरान पर अधिक दबाव बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस पूरे विवाद का सबसे अहम मोर्चा बन सकता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!