ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र शुरू होने के साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की चर्चा तेज हो गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं, जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेंगे। उनका संबोधन 23 सितंबर को प्रस्तावित है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे मुलाकात की संभावना को लेकर संकेत दिया है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका और ईरान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की संभावित बातचीत को कूटनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
क्या ट्रंप और पेजेश्कियान मिलेंगे?
अभी तक इस मुलाकात को अंतिम रूप से तय बैठक के तौर पर पेश नहीं किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने पेजेश्कियान से मिलने की संभावना पर सकारात्मक रुख दिखाया है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित मुलाकात के रूप में ही देखा जा रहा है। पेजेश्कियान के न्यूयॉर्क पहुंचने की अनुमति भी अमेरिकी प्रशासन की तरफ से दी गई है। हालांकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की गतिविधियों पर कुछ प्रतिबंध और निगरानी की व्यवस्था होने की जानकारी सामने आई है।
ईरान के लिए UNGA क्यों महत्वपूर्ण?
संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के प्रमुख नेताओं के लिए अपनी सरकार का पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का बड़ा अवसर होती है। ईरानी राष्ट्रपति भी इस मंच का इस्तेमाल अपने देश की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात रखने के लिए कर सकते हैं। वहीं अमेरिका की ओर से भी ईरान से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति साफ करने की संभावना रहती है। दोनों देशों के बीच तनाव के बीच कोई भी सीधी बातचीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचती है।
क्षेत्रीय तनाव का भी असर
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता। पश्चिम एशिया की सुरक्षा, सैन्य गतिविधियां, ऊर्जा बाजार और दूसरे देशों के रिश्ते भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। इसी वजह से UNGA के दौरान दोनों देशों के नेताओं की संभावित बातचीत को दुनिया के दूसरे देश भी ध्यान से देख रहे हैं। हालांकि किसी बैठक की संभावना को बातचीत या समझौते के रूप में देखना अभी जल्दबाजी होगी। पहले यह देखना होगा कि दोनों नेताओं की मुलाकात वास्तव में होती है या नहीं और अगर होती है तो किन मुद्दों पर बातचीत होती है। फिलहाल पेजेश्कियान के न्यूयॉर्क पहुंचने और ट्रंप के संभावित मुलाकात वाले बयान ने अमेरिका-ईरान संबंधों को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में UNGA के दौरान दोनों देशों की गतिविधियों पर नजर बनी रहेगी।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!