ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिका के केंटकी राज्य में बुधवार को एक भीषण विमान हादसा हुआ जिसने पूरे देश को हिला दिया। लुईविल शहर में UPS कंपनी का एक कार्गो प्लेन क्रैश हो गया, जिससे आग लग गई और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
कुछ ही मिनटों में हुआ हादसा
फेडरल एविएशन अथॉरिटी (FAA) के मुताबिक, UPS फ्लाइट 2976 ने लुईविल के मोहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। यह विमान होनोलुलु (हवाई) के डेनियल इनौये इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जा रहा था। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद शाम करीब 5:15 बजे (स्थानीय समय) पर यह प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें विमान के मलबे और भयंकर आग की लपटें दिखाई दे रही हैं।
ईंधन ने बढ़ाई तबाही
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, विमान में करीब 38,000 गैलन (लगभग 1.44 लाख लीटर) ईंधन भरा हुआ था। हादसे के बाद यह ईंधन धमाके के साथ आग में बदल गया, जिससे आसपास का इलाका काले धुएं से भर गया। आग इतनी भीषण थी कि पुलिस ने एयरपोर्ट से 8 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
लुईविल पुलिस (LMPD) ने बताया कि हादसे वाली जगह पर अभी भी आग लगी हुई है और फायर ब्रिगेड की कई टीमें उसे बुझाने में लगी हैं।
लिथियम बैटरियों से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि प्लेन में लिथियम बैटरियों के कारण आग लगी हो सकती है। ऐसा ही हादसा 2010 में UPS फ्लाइट 6 के साथ भी हुआ था, जब लिथियम बैटरियों से आग लगने के कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस विमान में लगभग 25,000 गैलन (करीब 95,000 लीटर) जेट फ्यूल भरा था, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
UPS MD-11 कार्गो विमान बना आग का गोला
यह विमान मैकडॉनेल डगलस MD-11 मॉडल था, जिसे पहले यात्री विमान के रूप में 1990 में लॉन्च किया गया था। बाद में बढ़ती ईंधन लागत के कारण इसे कार्गो विमान में बदला गया। यह विमान 2.8 लाख किलोग्राम तक का भार लेकर उड़ान भर सकता है।
हादसे के दौरान यह विमान UPS के मुख्य लॉजिस्टिक केंद्र वर्ल्डपोर्ट सुविधा के पास गिरा और धमाके के साथ आग का गोला बन गया।
UPS वर्ल्डपोर्ट: जहां रोजाना संभाले जाते हैं 20 लाख पार्सल
लुईविल का मोहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट, UPS कंपनी का मुख्य संचालन केंद्र है। यहां 12,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं और रोजाना 20 लाख से अधिक पार्सल संभाले जाते हैं। यह केंद्र लगभग 50 लाख वर्ग फीट में फैला हुआ है।
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया।
जांच में जुटे FAA और NTSB
फेडरल एविएशन अथॉरिटी (FAA) और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की टीमें मिलकर इस हादसे की जांच कर रही हैं। UPS एयरलाइंस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि, “केंटकी विमान हादसे की जांच जारी है, और नई जानकारी मिलते ही अपडेट साझा किए जाएंगे।”
हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा न केवल UPS कंपनी बल्कि अमेरिका के एविएशन सेक्टर के लिए भी बड़ा झटका है। भारी ईंधन और संभावित लिथियम बैटरी से लगी आग ने एक बार फिर कार्गो सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, आग बुझाने और मलबा हटाने का काम जारी है, जबकि हादसे की असली वजह सामने आने में अभी समय लगेगा।
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