ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक दावा सामने आया है। दावा किया गया है कि भारत में हुए BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद चीन लौटने पर शी जिनपिंग को बीजिंग के 301 अस्पताल ले जाया गया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और चीन सरकार या अस्पताल की ओर से भी इसकी पुष्टि सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा दावा?
चीनी लोकतंत्र पार्टी के चेयरमैन जी वानजुन ने दावा किया कि शी जिनपिंग को बीजिंग एयरपोर्ट से सीधे सैन्य हेलीकॉप्टर के जरिए 301 अस्पताल ले जाया गया।उनके मुताबिक वहां उन्हें आपातकालीन उपचार दिया गया। उन्होंने कथित प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह भी कहा कि एयरपोर्ट पर शी जिनपिंग के लिए आम तौर पर दिखाई देने वाला आधिकारिक स्वागत नहीं हुआ। हालांकि इन बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यही इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
BRICS सम्मेलन से भी जोड़ा गया दावा
दावे में यह भी कहा गया है कि BRICS सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग की तबीयत अचानक बिगड़ी थी और उनकी मेडिकल टीम ने उन्हें संभाला था। इसी आधार पर यह दावा किया गया कि उन्होंने भारत यात्रा कथित तौर पर तय कार्यक्रम से पहले खत्म की। लेकिन इन दावों को लेकर भी कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें फिलहाल रिपोर्टेड दावे के रूप में ही देखना उचित है।
301 अस्पताल का नाम क्यों आया?
बीजिंग का 301 अस्पताल चीन की सेना से जुड़ा प्रमुख अस्पताल माना जाता है। इसलिए शी जिनपिंग को इस अस्पताल में ले जाने का दावा सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। लेकिन किसी बड़े व्यक्ति के अस्पताल में भर्ती होने की खबर की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान या स्वतंत्र विश्वसनीय स्रोत जरूरी होते हैं। केवल किसी व्यक्ति के बयान या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर इसे पक्की खबर नहीं माना जा सकता।
BRICS में क्या हुआ था?
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। हालांकि मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर में शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए थे। उनकी अनुपस्थिति की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई थी। शी जिनपिंग करीब सात साल बाद BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए थे। इससे पहले उन्होंने 2019 में महाबलीपुरम में अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए भारत का दौरा किया था।
फिलहाल क्या सच माना जाए?
अभी उपलब्ध जानकारी में शी जिनपिंग के अस्पताल में भर्ती होने या आपातकालीन इलाज की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए खबर को 'दावे' के रूप में ही समझना चाहिए। आगे अगर चीन सरकार, 301 अस्पताल या कोई विश्वसनीय स्वतंत्र एजेंसी इस बारे में जानकारी देती है, तभी स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी को तथ्य मानने से बचना जरूरी है।
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