गाजियाबाद में लापता डॉक्टर का कार में मिला शव, सुसाइड नोट और इंजेक्शन मिलने से जांच तेज
गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में लापता पशु चिकित्सक शिवम कार्तिकेय का शव ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर उनकी कार में मिला। पुलिस को कार से एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। घर से एक सुसाइड नोट मिलने की भी जानकारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शुरुआती तौर पर आत्महत्या की आशंका जताई गई है।
गाजियाबाद में लापता डॉक्टर का कार में मिला शव, सुसाइड नोट और इंजेक्शन मिलने से जांच तेज
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गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। लापता पशु चिकित्सक शिवम कार्तिकेय का शव ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर उनकी कार के अंदर मिला। वह दिल्ली के लाजपत नगर इलाके में क्लीनिक चलाते थे और गाजियाबाद की एक सोसाइटी में रहते थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


मंगलवार को क्लीनिक से निकले थे

जानकारी के मुताबिक शिवम कार्तिकेय मंगलवार दोपहर अपने क्लीनिक से निकले थे। इसके बाद वह घर वापस नहीं पहुंचे। परिवार को जब काफी समय तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। परिजनों की तरफ से नंदग्राम थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।


एक्सप्रेसवे पर मिली कार

बुधवार को उनकी कार ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर मिली। कार के अंदर ही शिवम का शव था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। यह इलाका मुरादनगर थाना क्षेत्र में आता है। शव मिलने के बाद पुलिस ने कार और आसपास के इलाके की भी जांच की।


कार से मिले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन

जांच के दौरान कार से एनेस्थीसिया के पांच इंजेक्शन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को शक है कि इन इंजेक्शनों की ओवरडोज से उनकी मौत हुई हो सकती है। हालांकि किसी भी मौत के मामले में अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होता है। इसलिए फिलहाल पुलिस की ओर से जताई गई आशंका को शुरुआती जांच का हिस्सा माना जा रहा है।


घर से मिला सुसाइड नोट

मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस वजह से शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका को बल मिला है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डॉक्टर के सामने ऐसी कौन सी परेशानी थी जिसके कारण उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया होगा। इसके लिए परिवार, परिचितों और उनके काम से जुड़े लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है।


परिवार ने पहले दर्ज कराई थी गुमशुदगी

परिजनों को जब शिवम के घर न लौटने की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस को बताया। इस तरह उनकी तलाश शुरू हुई और अगले दिन उनकी कार मिलने के बाद मामला मौत की जांच में बदल गया। ऐसे मामलों में परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका यह होता है कि व्यक्ति के लापता होने के कुछ घंटों बाद उसकी मौत की खबर सामने आती है। इस मामले में भी परिवार पहले उनकी तलाश कर रहा था और बाद में शव मिलने की सूचना मिली।


जांच से साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच आत्महत्या की दिशा में जाती दिखाई दे रही है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम, सुसाइड नोट, इंजेक्शन की जांच और दूसरे सबूतों को देखना जरूरी होगा। पुलिस यह भी देखेगी कि शिवम आखिरी बार किससे मिले थे, क्लीनिक से निकलने के बाद उनका रास्ता क्या था और एक्सप्रेसवे तक वह कैसे पहुंचे। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ मौत की वजह और परिस्थितियों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल गाजियाबाद में डॉक्टर की मौत से परिवार और स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल है।


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