ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गाजियाबाद में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस ने कथित तौर पर गांजा तस्करी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला विजय नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां पुलिस और संदिग्ध तस्करों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया और उनके पास से बड़ी मात्रा में गांजा और हथियार बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी गांजा सप्लाई करने के लिए इलाके में घूम रहे थे। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी घायल हुए, जबकि तीसरे को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
बिना नंबर की स्कूटी से जा रहे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक तीनों संदिग्ध एक स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे। स्कूटी पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। पुलिस को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्हें रोकने की कोशिश की गई। पुलिस का दावा है कि रोकने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की। रास्ते में कच्ची सड़क पर उनकी स्कूटी फिसल गई। इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई और पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तरफ से फायरिंग की गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दो आरोपी पैरों में घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
21 किलो गांजा बरामद होने का दावा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 21 किलो गांजा बरामद किया गया है। इसके अलावा दो देसी तमंचे और कारतूस मिलने की भी बात कही गई है। नशे की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी सिर्फ स्थानीय स्तर पर गांजा सप्लाई करते थे या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा किस रास्ते से गाजियाबाद पहुंचा और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।
तीनों आरोपियों की पहचान
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनस, दिलशाद और असलम के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान अनस और दिलशाद घायल हुए, जबकि असलम को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब तीनों से पूछताछ के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अनस के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज होने की बात कही गई है और उसे हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। वहीं बाकी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
नशे के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
गांजा तस्करी के मामलों में सिर्फ सप्लायर को पकड़ना ही पुलिस की कार्रवाई का एक हिस्सा होता है। इसके बाद जांच का फोकस उस नेटवर्क तक पहुंचने पर होता है, जहां से नशे की खेप आती है और आगे किसे दी जाती है। गाजियाबाद दिल्ली-एनसीआर का अहम हिस्सा है। यहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना अलग-अलग शहरों के बीच आते-जाते हैं। ऐसे में नशे की तस्करी करने वाले नेटवर्क के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करने की संभावना रहती है। पुलिस की कोशिश होती है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाए।
पुलिस की कार्रवाई पर क्या सामने आया?
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान संदिग्धों ने भागने की कोशिश की और फायरिंग की। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हुए। हालांकि मुठभेड़ से जुड़े किसी भी मामले में पूरी घटना की पुष्टि जांच प्रक्रिया के जरिए होती है। इसलिए पुलिस के दावे और बरामदगी से जुड़े तथ्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही देखा जाएगा। आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की जांच के दौरान उनके खिलाफ लगे आरोपों से जुड़े सबूत जुटाए जाएंगे।
हथियार मिलने से बढ़ी गंभीरता
मामले में गांजे के साथ कथित तौर पर तमंचे और कारतूस मिलने की बात सामने आई है। अगर जांच में यह बरामदगी सही साबित होती है तो मामला सिर्फ नशे की तस्करी तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि आरोपियों के पास हथियार क्यों थे और क्या उनका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में किया गया था। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों के पुराने मामलों और दूसरे अपराधियों से उनके संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है।
गाजियाबाद में नशे के खिलाफ कार्रवाई
दिल्ली-एनसीआर से जुड़े शहरों में नशीले पदार्थों की तस्करी पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी रहती है। गांजा, स्मैक और दूसरे नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई को रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर अभियान चलाती है। ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि उन लोगों तक पहुंचना भी होता है जो इसके पीछे नेटवर्क चला रहे हैं। विजय नगर इलाके की यह कार्रवाई भी इसी कड़ी का हिस्सा बताई जा रही है।
आगे की जांच में खुल सकते हैं कई राज
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। सबसे अहम सवाल यही है कि 21 किलो गांजा कहां से आया और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके अलावा पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। अगर किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क से उनका संबंध सामने आता है, तो आने वाले समय में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में गांजा और कथित तौर पर हथियार बरामद किए हैं। मामले की पूरी सच्चाई जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएगी।
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