ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से ‘चक्रवात अर्नब’ को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में इसे बेहद खतरनाक तूफान बताया गया और ओडिशा व आंध्र प्रदेश में बड़े असर की बात कही गई। लेकिन भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने इस नाम के किसी आधिकारिक चक्रवाती तूफान की पुष्टि नहीं की है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में जो सिस्टम बना है, वह फिलहाल डीप डिप्रेशन यानी गहरे दबाव के रूप में है। इसे आधिकारिक तौर पर चक्रवात नहीं कहा गया है।
तूफान का नाम कब रखा जाता है?
किसी मौसम सिस्टम को चक्रवाती तूफान तब कहा जाता है जब उसकी हवा की गति और दूसरी मौसम संबंधी स्थितियां तय मानकों तक पहुंचती हैं। जब तक सिस्टम उस श्रेणी में नहीं पहुंचता, तब तक उसे चक्रवात का नाम नहीं दिया जाता। यही वजह है कि IMD ने ‘चक्रवात अर्नब’ नाम को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा को स्पष्ट किया है। अभी इसे डीप डिप्रेशन के रूप में देखा जा रहा है।
फिर खतरा कितना है?
चक्रवात नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि मौसम पूरी तरह सामान्य रहेगा। डीप डिप्रेशन भी भारी बारिश और तेज हवाओं का कारण बन सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा सिस्टम उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट की तरफ बढ़ रहा है। इसके कलिंगपट्टनम के आसपास से गुजरने की संभावना बताई गई है। इसलिए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
सोशल मीडिया की खबरों से रहें सावधान
मौसम से जुड़ी खबरों में सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और बिना पुष्टि की जानकारी तेजी से फैलती है। किसी भी तूफान का नाम, उसकी दिशा और उसकी ताकत जैसी जानकारी बदल भी सकती है। इसलिए सिर्फ वायरल पोस्ट देखकर घबराने के बजाय IMD और स्थानीय प्रशासन की जानकारी को प्राथमिकता देना ज्यादा सही तरीका है।
ओडिशा और आंध्र के लिए बारिश की चेतावनी
मौजूदा मौसम सिस्टम की वजह से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को समुद्र के पास जाने से बचना चाहिए और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
क्या ‘अर्नब’ नाम का तूफान आएगा?
फिलहाल IMD के मुताबिक ‘चक्रवात अर्नब’ नाम का कोई आधिकारिक चक्रवाती तूफान नहीं है। मौजूदा सिस्टम डीप डिप्रेशन है। आगे इसकी ताकत और दिशा में बदलाव होता है या नहीं, यह मौसम विभाग की अगली अपडेट से साफ होगा। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही सनसनीखेज खबरों से ज्यादा जरूरी है कि लोग आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें।
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