ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं बैठक में सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ बॉर्डर मैनेजमेंट, LAC, सैन्य संवाद और सीमा व्यापार जैसे कई मुद्दों पर सहमति बनी। भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी ने इस वार्ता में हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर तनाव कम करना और दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर बनाए रखना रहा।
सीमा विवाद के समाधान पर बातचीत जारी रखने पर जोर
बैठक में दोनों देशों ने सीमा विवाद का एक निष्पक्ष, उचित और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान खोजने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके लिए 2005 में तय किए गए Political Parameters and Guiding Principles और बाद की विशेष प्रतिनिधि वार्ताओं में बनी सहमति को आधार बनाया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि भारत और चीन सीमा विवाद को बातचीत के जरिए आगे बढ़ाने के रास्ते पर बने रहेंगे।
सीमा निर्धारण और प्रबंधन पर तेज होगी बातचीत
बैठक में Boundary Delimitation यानी सीमा निर्धारण और Border Management यानी सीमा प्रबंधन पर चर्चा आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। इसके लिए Expert Group और Working Group के जरिए बातचीत होगी। दोनों समूह पहले अपने Terms of Reference यानी काम करने की रूपरेखा तय करेंगे। इससे सीमा से जुड़े तकनीकी और प्रबंधन संबंधी मुद्दों पर बातचीत को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।
LAC पर तनाव की स्थिति तुरंत संभालने की कोशिश
भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर किसी भी तरह की स्थिति को जल्द से जल्द संभालने पर जोर दिया। इसके लिए WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकें और मौजूदा सैन्य-द्विपक्षीय तंत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य सीमा पर गलतफहमी और गलत आकलन की स्थिति को बढ़ने से रोकना है।
दो नए मीटिंग पॉइंट और सैन्य हॉटलाइन
सीमा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए दो अतिरिक्त मीटिंग पॉइंट स्थापित करने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा Eastern और Middle Sectors में दो अतिरिक्त सैन्य हॉटलाइन चैनल बनाने का फैसला लिया गया। हॉटलाइन के जरिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क की सुविधा बेहतर हो सकती है। इससे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीमा व्यापार पर सहयोग
बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा का मुद्दा भी उठा। भारत ने भारतीय श्रद्धालुओं के लिए यात्रा के बैच बढ़ाने के चीन के प्रयासों का स्वागत किया। इसके अलावा तीन निर्धारित सीमा व्यापार केंद्रों के दोबारा खुलने का भी दोनों पक्षों ने स्वागत किया। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की उम्मीद है।
सीमा पार नदियों पर भी फिर शुरू होगी बातचीत
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के अलावा सीमा पार बहने वाली नदियों को लेकर भी बातचीत महत्वपूर्ण है। बैठक में Trans-border Rivers पर Expert-Level Mechanism की अगली बैठक सितंबर 2026 में आयोजित करने पर सहमति बनी। इस बैठक में हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने और संबंधित समझौतों के नवीनीकरण जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।
2027 में भारत में होगी अगली वार्ता
भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों की अगली यानी 26वीं बैठक 2027 में भारत में आयोजित होगी। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सीमा विवाद को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत का सिलसिला आगे जारी रहने का संकेत मिलता है। कुल मिलाकर 25वीं विशेष प्रतिनिधि वार्ता में सीमा विवाद के अंतिम समाधान की घोषणा तो नहीं हुई, लेकिन बातचीत को आगे बढ़ाने और सीमा पर तनाव को नियंत्रित करने के लिए कई महत्वपूर्ण तंत्र मजबूत करने पर सहमति बनी है। अब इन फैसलों को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है, यही भारत-चीन संबंधों के लिए सबसे अहम होगा।
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