ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत में 2026 का मानसून सीजन खत्म होने की तरफ है, लेकिन बारिश के आंकड़े इस बार सामान्य से कम रहे हैं। 21 सितंबर तक देशभर में मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 15 फीसदी कम बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह करीब 17 साल में सबसे कम बारिश वाले मानसून सीजन में शामिल हो सकता है।मानसून भारत की अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। खेती, जलाशय, भूजल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बारिश पर निर्भर रहता है। इसलिए बारिश में लंबे समय तक कमी का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता।
बिहार में बारिश की कमी ज्यादा
इस मानसून में बिहार खास तौर पर बारिश की कमी से प्रभावित राज्यों में शामिल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बिहार में सामान्य से करीब 37 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राजस्थान में भी करीब 21 प्रतिशत की कमी बताई गई है। बारिश की कमी का असर खेती पर सबसे पहले दिखाई दे सकता है। धान जैसी फसलों के लिए पर्याप्त पानी जरूरी होता है। अगर बारिश कम हो तो किसानों को सिंचाई के लिए दूसरे साधनों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ सकता है।हालांकि बारिश की कमी का असर हर जिले और हर फसल पर एक जैसा नहीं होता। स्थानीय बारिश, सिंचाई की सुविधा, मिट्टी और फसल के प्रकार के आधार पर स्थिति अलग हो सकती है।
अल नीनो की भी चर्चा
मौसम विशेषज्ञों की चर्चा में अल नीनो का नाम भी सामने आ रहा है। अल नीनो प्रशांत महासागर के समुद्री तापमान में बदलाव से जुड़ी एक जलवायु घटना है, जिसका असर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के मौसम पर पड़ सकता है। हालांकि किसी एक मौसम घटना का पूरा असर सिर्फ एक कारण से तय नहीं किया जा सकता। मानसून पर समुद्री तापमान, हवाओं, दबाव की स्थिति और कई अन्य मौसमी सिस्टम असर डालते हैं।
मानसून खत्म होने में कुछ ही दिन
सितंबर का आखिरी हिस्सा मानसून की वापसी का समय होता है। ऐसे में अब सीजन के बचे हुए दिनों में होने वाली बारिश कुल आंकड़े को कुछ हद तक बदल सकती है। लेकिन फिलहाल जो आंकड़े सामने हैं, उनमें देश में सामान्य से कम बारिश की तस्वीर बनी हुई है। कम बारिश का असर जल संसाधनों पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में बारिश की कमी ज्यादा रही है, वहां स्थानीय स्तर पर जल प्रबंधन की जरूरत बढ़ सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
अब मौसम विभाग और राज्य सरकारों की नजर मानसून के अंतिम आंकड़ों पर होगी। किसानों के लिए भी आने वाले रबी सीजन की तैयारी महत्वपूर्ण होगी। अगर मिट्टी में नमी कम रहती है तो सिंचाई की जरूरत बढ़ सकती है। फिलहाल 2026 के मानसून की तस्वीर यह बताती है कि देश में बारिश सामान्य से नीचे रही है। बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में कमी ज्यादा दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में अंतिम बारिश और मानसून के आधिकारिक आंकड़े यह बताएंगे कि पूरे सीजन का अंतिम रिकॉर्ड क्या रहता है।
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