ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक चलती हुई बस में अचानक आग लग गई, और देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई। इस भीषण हादसे में बस में सवार कई यात्रियों की जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और जब तक बचाव दल पहुंचता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह मंजर इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह कांप गई।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया गहरा दुख
इस दर्दनाक घटना पर देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने शोक संदेश में कहा कि वह जैसलमेर में हुए बस हादसे से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया है।
मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान
दुख व्यक्त करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा, घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार ने भी अपनी ओर से पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
कब रुकेंगे ऐसे हादसे?
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का भयानक हादसा हुआ हो। हर बार ऐसी घटना के बाद जांच के आदेश दिए जाते हैं और सुरक्षा नियमों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन कुछ समय बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है। यह हादसा एक बार फिर हमारे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक लापरवाही के कारण मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी? अब जरूरत है कि इस मामले की गहनता से जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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