ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। बातचीत का मुख्य विषय गाजा में शांति बहाल करने वाली ‘ऐतिहासिक गाजा शांति योजना’ की सफलता और इसके पहले चरण की प्रगति थी। पीएम मोदी ने इस उपलब्धि पर ट्रंप और नेतन्याहू को बधाई दी और इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम बताया।
गाजा में शांति बहाली की दिशा में पहला चरण
गाजा में दो साल से अधिक समय से चल रही हिंसा ने हजारों जानें ले ली हैं। हाल ही में इजरायल और हमास ने लड़ाई रोकने, बंधकों और कैदियों की रिहाई, और मानवीय सहायता बढ़ाने पर सहमति जताई। इस पहल को ट्रंप की 20-सूत्री गाजा शांति योजना का पहला चरण माना जा रहा है। पीएम मोदी ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता और शांति प्रयासों का समर्थन करना जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत
पीएम मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा की कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को गाजा शांति योजना की सफलता पर बधाई दी और व्यापार वार्ताओं में हुई प्रगति की समीक्षा की। साथ ही दोनों नेताओं ने आने वाले हफ्तों में करीबी संपर्क में रहने पर सहमति जताई।
इसी तरह, मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को भी फोन किया और बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों के लिए बढ़ाई गई मानवीय मदद पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को दुनिया में कहीं भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
गाजा पीस प्लान की मुख्य बातें
ट्रंप की गाजा पीस प्लान 20-सूत्री योजना है। इसका उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति स्थापित करना और क्षेत्र को पुनर्निर्मित करना है। योजना के पहले चरण में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:
• सभी बंधकों की पूरी रिहाई।
• इजरायली सेना का आंशिक रूप से पीछे हटना।
• रोजाना कम से कम 400 ट्रक मानवीय सहायता की आपूर्ति।
• गाजा को आतंक-मुक्त क्षेत्र बनाना।
• हमास को हथियार डालने और शासन छोड़ने पर माफी देना।
• अस्थायी रूप से फिलिस्तीनी तकनीकी समिति द्वारा गाजा का प्रशासन।
• बाद में गाजा का नियंत्रण फिलिस्तीनी अथॉरिटी को सौंपा जाएगा।
• गाजा के आर्थिक पुनर्निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष योजना।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन और भारत का रुख
इस शांति योजना में अरब और इस्लामी देशों की मध्यस्थता महत्वपूर्ण रही। ट्रंप ने उनकी सराहना की। भारत ने हमेशा गाजा में शांति का समर्थन किया है। पीएम मोदी ने पहले भी ट्रंप के प्रयासों की तारीफ की थी और इस बातचीत में इसे आगे बढ़ाया।
गाजा शांति योजना का पहला चरण इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। बंधकों की रिहाई, मानवीय मदद और हिंसा पर रोक की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है। प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक सक्रियता और ट्रंप-नेतन्याहू से संपर्क इस पहल को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शांति प्रक्रिया स्थायी रूप से सफल होती है या नहीं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!