ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर 27 सितंबर को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी से जुड़े लोगों के साथ बैठक की। उनके इस दौरे के बाद दिल्ली में संगठन के विस्तार को लेकर चर्चा तेज हो गई। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर जन सुराज को दिल्ली में विस्तार देना है तो इसके लिए लंबी तैयारी की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि कम से कम छह महीने का समय लेकर दिल्ली में जुड़े लोगों से बातचीत की जाएगी।
जल्दबाजी में संगठन शुरू करने से इनकार
प्रशांत किशोर ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी दूसरे राज्य में संगठन बनाया गया है, तुरंत किसी नए राज्य में उसी तरह यूनिट शुरू कर देना उनकी सोच नहीं है। उनका कहना है कि पहले वहां मौजूद लोगों और समर्थकों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने बताया कि बिहार के बाहर जन सुराज से जुड़े लोगों की संख्या दिल्ली में काफी ज्यादा है। कई लोग बिहार जाकर उनसे मिलते हैं और संगठन के साथ जुड़े हुए हैं। इसी वजह से दिल्ली में उनके साथ बातचीत की जरूरत महसूस हुई।
NRB चैप्टर पर चर्चा
प्रशांत किशोर ने बताया कि दिल्ली में Non-Resident Bihari यानी NRB चैप्टर के जरिए लोगों को संगठित करने की कोशिश की गई है। अब चर्चा इस बात पर है कि इन लोगों की भूमिका आगे किस तरह तय की जाए और उनकी उम्मीदों को किस तरह संगठन से जोड़ा जाए। यह फिलहाल पार्टी के विस्तार की शुरुआती प्रक्रिया है। दिल्ली में चुनावी राजनीति में उतरने को लेकर अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।
चुनाव आयोग पर भी बोले
दिल्ली दौरे के दौरान प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर व्यापक सुधार की जरूरत है। उन्होंने फॉर्म-17 और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग का भी जिक्र किया। ये उनके राजनीतिक विचार और मांगें हैं। फिलहाल दिल्ली में जन सुराज की सक्रियता शुरुआती स्तर पर है। अगले छह महीनों में संगठन किस तरह आगे बढ़ता है और क्या पार्टी दिल्ली की चुनावी राजनीति में सीधे उतरने का फैसला करती है, इस पर नजर रहेगी।
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