ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत में UPI पेमेंट को लेकर एक बार फिर MDR यानी Merchant Discount Rate चर्चा में है। UPI से रोजाना करोड़ों लेनदेन होते हैं और लंबे समय से यह सवाल रहा है कि इतने बड़े डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को आर्थिक रूप से कैसे चलाया जाए। इसी बीच PhonePe के फाउंडर और CEO समीर निगम ने मर्चेंट पेमेंट पर MDR को लेकर अपनी बात रखी है।
MDR क्या होता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से लिया जा सकता है। आसान भाषा में समझें तो जब कोई ग्राहक डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है, तो उस लेनदेन से जुड़े नेटवर्क और सेवा देने वाली कंपनियों की लागत होती है। हर डिजिटल पेमेंट पर MDR की व्यवस्था एक जैसी नहीं होती। भुगतान का तरीका, ट्रांजैक्शन का प्रकार और संबंधित नियम इसके हिसाब से अलग हो सकते हैं।
PhonePe CEO ने क्या कहा?
समीर निगम ने कहा कि मर्चेंट पेमेंट पर MDR की व्यवस्था बाजार के लिए नई नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में डिजिटल भुगतान की लागत कई दूसरे बाजारों की तुलना में कम है। उनके बयान के मुताबिक UPI अभी भी मर्चेंट पेमेंट के लिहाज से कम लागत वाला सिस्टम बना हुआ है। उन्होंने RuPay और Visa जैसे कार्ड नेटवर्क का भी संदर्भ देते हुए कहा कि मर्चेंट पेमेंट में शुल्क की व्यवस्था पहले से मौजूद है।
आम यूजर पर क्या असर?
MDR को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि इसका असर ग्राहक की जेब पर पड़ेगा या नहीं। सामान्य तौर पर मर्चेंट से जुड़ा शुल्क और ग्राहक से सीधे लिया जाने वाला शुल्क एक ही चीज नहीं होते। इसलिए किसी नए MDR नियम की जानकारी सामने आने पर यह देखना जरूरी है कि शुल्क किस तरह के लेनदेन पर लागू है, भुगतान कौन कर रहा है और मर्चेंट की श्रेणी क्या है। UPI की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह भी रहा है कि आम लोगों के लिए इसका इस्तेमाल काफी आसान है। QR कोड स्कैन करके कुछ सेकंड में भुगतान किया जा सकता है।
डिजिटल पेमेंट का बढ़ता नेटवर्क
भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक तेजी से बढ़ा है। चाय की दुकान, किराना स्टोर, मेडिकल शॉप और टैक्सी जैसे छोटे कारोबार में भी QR पेमेंट आम हो चुका है। ऐसे में MDR का मुद्दा केवल पेमेंट कंपनियों तक सीमित नहीं है। इसका संबंध छोटे कारोबारियों की लागत और डिजिटल पेमेंट के पूरे मॉडल से भी है।
आगे क्या देखना होगा?
UPI से जुड़े किसी भी MDR बदलाव का असर समझने के लिए आधिकारिक नियम और लागू होने वाली शर्तों को देखना जरूरी होगा। केवल किसी कंपनी के अधिकारी के बयान से पूरे सिस्टम के नियम तय नहीं होते। फिलहाल PhonePe CEO ने मर्चेंट पेमेंट में MDR की व्यवस्था और भारत में डिजिटल भुगतान की लागत को लेकर अपनी राय रखी है। UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आने वाले समय में पेमेंट सिस्टम की लागत, मर्चेंट शुल्क और ग्राहकों की सुविधा के बीच संतुलन महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहेगा।
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