ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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सड़कों के गड्ढों को लेकर अखिलेश का सरकार पर हमला
उत्तर प्रदेश में सड़क और कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रदेश की सड़कों और एक्सप्रेसवे की हालत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने गड्ढे देखने के लिए दूरबीन, ड्रोन और सैटेलाइट तक की बात की, लेकिन जमीन पर गड्ढे फिर भी दिखाई नहीं दे रहे हैं।
अखिलेश ने खास तौर पर कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि एक्सप्रेसवे की हालत ठीक नहीं है और इसके डिजाइन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सड़क से जुड़े कामों में गुणवत्ता और निगरानी पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सड़कें आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़ी हैं। शहरों से गांवों तक आने-जाने वाले लोगों के लिए सड़क की खराब हालत सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि समय और पैसे दोनों का नुकसान है।
बारिश के मौसम में सड़क पर गड्ढे और ज्यादा परेशानी पैदा करते हैं। दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है और कई जगह ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। ऐसे में विपक्षी दल अक्सर सड़कों की स्थिति को सरकार के कामकाज से जोड़कर सवाल उठाते हैं।
अखिलेश यादव ने सिर्फ सड़कों की हालत पर ही सवाल नहीं उठाए। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उनका आरोप है कि दूसरे राज्यों के अपराधी उत्तर प्रदेश में आकर वारदात कर रहे हैं और कई मामलों में खुलेआम गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
अखिलेश ने एक कथित गैंग के नाम को लेकर भी सरकार पर तंज किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब सरकार से बदलाव चाहती है और बीजेपी सरकार के जाने का इंतजार कर रही है।
हालांकि, अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर अखिलेश के ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। सरकार और पुलिस की ओर से अलग-अलग मामलों में कानून-व्यवस्था को लेकर अपने आंकड़े और कार्रवाई की जानकारी दी जाती रही है।
अखिलेश ने लखनऊ की कुछ सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अकबर नगर, रिवर फ्रंट और जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का जिक्र किया।
जेपी सेंटर को लेकर अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने इसे बेचने की कोशिश की और वहां मौजूद सुविधाओं से होने वाली संभावित कमाई को भी नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल लोगों के लिए किया जाना चाहिए।
वहीं अकबर नगर का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार की उस कार्रवाई पर भी सवाल उठाया, जिसके बाद वहां रिवर फ्रंट विकसित करने की बात कही गई थी।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को इस सुविधा का इंतजार करना पड़ा और कई जगह बस सेवा को लेकर परेशानी सामने आई।
उनका कहना था कि किसी भी योजना का असली फायदा तभी है, जब वह जमीन पर लोगों तक पहुंचे। सिर्फ घोषणा करने से आम जनता की समस्या हल नहीं होती।
अखिलेश यादव ने सरकारी स्कूलों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में 26 हजार स्कूल बंद हुए हैं और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन स्कूलों को फिर से खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने पर गरीबों के हित में काम किया जाएगा और प्रदेश में सभी वर्गों को समान सम्मान देने की कोशिश होगी।
अखिलेश यादव के इन बयानों को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। सड़क, रोजगार, स्कूल, कानून-व्यवस्था और सरकारी संपत्तियों जैसे मुद्दे आने वाले चुनाव में विपक्ष के प्रमुख हथियार बन सकते हैं।
फिलहाल अखिलेश ने सरकार के सामने कई सवाल रखे हैं। अब इन आरोपों पर सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया और सरकार की ओर से सड़क, स्कूल और कानून-व्यवस्था को लेकर दिए जाने वाले जवाब पर सबकी नजर रहेगी।
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