ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को जिले में 106 नए मामले सामने आए, जिसके बाद स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 120 हो गई है। मामलों में तेजी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सभी संक्रमित मरीजों की हालत सामान्य है और उनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर से आवाजाही के कारण बढ़ा खतरा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में रोजाना बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और आसपास के अन्य जिलों से काम के सिलसिले में आते-जाते हैं। मौसम में बदलाव के बीच बुखार, खांसी, जुकाम, सिरदर्द और गले में खराश जैसे लक्षणों के बाद कई लोगों ने निजी अस्पतालों में जांच कराई। इनमें से कई लोगों की एच1एन1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
निजी अस्पतालों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
मामलों में बढ़ोतरी के बाद सीएमओ ने निजी अस्पतालों को भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर नजर रखने और संदिग्ध मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने को कहा गया है। विभाग का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर मरीजों की पहचान करना और संक्रमण के फैलाव को रोकना है।
बारिश के बाद बढ़े वायरल संक्रमण के मामले
जिला अस्पताल की ऑनलाइन मेडिसिन ओपीडी से जुड़ी डॉक्टर आद्या सिंह के मुताबिक, बारिश के बाद मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि कई लोग खांसते या छींकते समय मुंह और नाक नहीं ढकते। ऐसे में संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे तक आसानी से पहुंच सकता है। ओपीडी में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। इनमें बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
मास्क और दूरी रखने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और दूसरे लोगों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की है। खासकर जिन लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें दूसरों के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है। बारिश में भीगने से बचने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। अगर किसी व्यक्ति को दो-तीन दिनों से ज्यादा समय तक बुखार बना रहता है, सांस लेने में परेशानी होती है या अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना जरूरी है।
बिना डॉक्टर की सलाह न लें एंटीबायोटिक
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से एक और महत्वपूर्ण अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि वायरल संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर खुद से एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेने से परेशानी बढ़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी दवा का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करें। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग मरीजों की निगरानी कर रहा है और निजी अस्पतालों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बढ़ते मामलों के बीच लोगों की सावधानी और संक्रमण से बचाव के उपायों को सबसे अहम माना जा रहा है।
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