ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खेड़ी गांव में गुटखा देने में थोड़ी देरी होने पर हुए विवाद ने इतना गंभीर रूप ले लिया कि एक आईटीबीपी हवलदार ने अपने पड़ोसी दुकानदार पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। गोली दुकानदार उदय प्रताप सिंह को लगी और वह घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है।
गुटखा देने में देरी से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेंद्र सिंह आईटीबीपी में हवलदार के पद पर तैनात है। वह 12 जुलाई को छुट्टी लेकर अपने गांव खेड़ी भनौता आया हुआ था। सोमवार को वह अपने पड़ोसी उदय प्रताप सिंह की दुकान पर गुटखा लेने पहुंचा। उस समय दुकान पर काफी ग्राहक मौजूद थे, जिसके कारण सामान देने में कुछ समय लग गया। आरोप है कि इसी देरी को लेकर सुरेंद्र सिंह नाराज हो गया और दुकानदार से बहस करने लगा। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
गुस्से में निकाली लाइसेंसी पिस्टल
पुलिस के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद सुरेंद्र सिंह ने गुस्से में अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली और दुकानदार पर फायर कर दिया। गोली लगने से उदय प्रताप सिंह घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कुछ ही समय में आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने बताया- डराने के लिए निकाली थी पिस्टल
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उसका इरादा दुकानदार को गोली मारने का नहीं था। उसने पुलिस को बताया कि वह केवल दुकानदार को डराने के लिए पिस्टल निकाल रहा था, लेकिन इसी दौरान अचानक गोली चल गई। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित दुकानदार उदय प्रताप सिंह की शिकायत के आधार पर आरोपी हवलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग को गंभीरता से लिया जा रहा है।
लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू
एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी के लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग को देखते हुए उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा घटना की जानकारी आईटीबीपी मुख्यालय को भी दी जाएगी, ताकि आरोपी के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल कितनी जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। छोटी-सी कहासुनी में हथियार का इस्तेमाल गंभीर अपराध में बदल सकता है।
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