ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ग्रेटर नोएडा की कालधाम सोसाइटी में 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिरकर छह वर्षीय आव्यान की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस हादसे ने केवल एक बच्चे की जान नहीं ली, बल्कि एक परिवार की खुशियां भी छीन लीं। तीन दिन बीत जाने के बाद भी आव्यान की मां इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाई हैं। वह बार-बार दरवाजे की ओर देखकर यही पूछती हैं, "मेरा बच्चा कहां है?" और फिर फूट-फूटकर रो पड़ती हैं।
घर में पसरा है सन्नाटा, मां बेसुध और पिता हरिद्वार में
आव्यान के पिता शिवान यादव, जो केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं, बेटे की अस्थियां लेकर हरिद्वार गए हुए हैं। घर के बाहर भीड़ नहीं, बल्कि गहरा सन्नाटा पसरा है। पड़ोसियों के मुताबिक, आव्यान की मां किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। वह न ठीक से खा रही हैं और न ही किसी से मिल रही हैं। रिश्तेदार लगातार उन्हें संभालने और खाना खिलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह हर बार मना कर देती हैं।
बड़े भाई को हर पल याद आता है छोटा भाई
आव्यान का नौ साल का बड़ा भाई भी गहरे सदमे में है। वह अक्सर अपने छोटे भाई के खिलौनों और कपड़ों को सीने से लगाकर बैठा रहता है। कभी वह रोने लगता है तो कभी खिलौनों से ऐसे बातें करता है, जैसे उसका छोटा भाई अभी उसके साथ खेल रहा हो। परिवार के हर सदस्य को अब भी यह यकीन नहीं हो पा रहा कि आव्यान अब कभी लौटकर नहीं आएगा।
कैसे हुआ हादसा?
पड़ोसियों के अनुसार, शनिवार शाम आव्यान सोसाइटी के पार्क में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। खेल के दौरान गेंद पास में बने खुले गड्ढे की ओर चली गई। आव्यान गेंद उठाने गया, तभी उसका पैर फिसल गया और वह लगभग 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्हें पानी में सिर्फ आव्यान का पैर दिखाई दिया। लोगों ने उसे बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद कालधाम सोसाइटी के निवासियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर खुदाई का काम चल रहा था, वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो गड्ढे के आसपास प्रभावी बैरिकेडिंग थी और न ही लोगों को पहले से इसकी जानकारी दी गई थी। रेजिडेंट्स का आरोप है कि इस खुदाई की जानकारी न तो अधिकांश निवासियों को थी और न ही आरडब्ल्यूए (RWA) को। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
RWA तैयार कर रही है शिकायत पत्र
सोसाइटी के लोगों ने सामूहिक शिकायत पत्र तैयार करना शुरू कर दिया है, जिस पर निवासियों के हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि वे जल्द ही जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। निवासियों का आरोप है कि हादसे के अगले दिन जब वे अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे, तब संबंधित प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों का व्यवहार भी असंवेदनशील था, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ गई।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
हादसे के बाद पुलिस अधिकारी और एसडीएम आव्यान के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा किसी मासूम की जान न ले।
एक हादसा जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया
आव्यान की मौत ने सिर्फ उसके परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरी कालधाम सोसाइटी को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस घर में कुछ दिन पहले तक बच्चे की हंसी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा है। यह हादसा एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े।
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