ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में सिविल सर्विस की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। छात्रा के परिजनों ने अब हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की है। परिवार का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर और गले पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ होगी।
28 सितंबर की रात हुई मौत
मृतका की पहचान गीतेश के रूप में बताई गई है। वह मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली थीं और ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में रहकर सिविल सर्विस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। वह एक निजी कंपनी में नौकरी भी करती थीं। परिजनों के मुताबिक 28 सितंबर की रात उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
अस्पताल लेकर पहुंचे थे दो युवक
परिजनों का कहना है कि 29 सितंबर की सुबह पुलिस ने उन्हें जानकारी दी कि उनकी बेटी को दो युवक नॉलेज पार्क स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराकर चले गए थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर परिवार के लोग ग्रेटर नोएडा पहुंचे। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अलीगढ़ ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। यह सवाल अभी जांच का विषय है कि दोनों युवक कौन थे, वे छात्रा को अस्पताल क्यों लेकर पहुंचे और अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वहां से क्यों चले गए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद उठे सवाल
परिजनों का दावा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर और गले पर चोट के निशान मिलने की जानकारी सामने आई। इसी आधार पर परिवार ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। हालांकि चोट के निशान मिलने का मतलब अपने आप हत्या साबित होना नहीं है। इसकी वजह क्या थी और मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह पुलिस की जांच और उपलब्ध मेडिकल व दूसरे सबूतों से स्पष्ट होगा।
पुलिस से की शिकायत
परिजन दोबारा ग्रेटर नोएडा पहुंचे और सूरजपुर कोतवाली में शिकायत दी। उन्होंने मामले की जांच कराने और मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल छात्रा की मौत की परिस्थितियों, अस्पताल पहुंचाने वाले युवकों और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का है।
कई सवालों के जवाब बाकी
इस मामले में अभी कई सवालों का जवाब सामने आना बाकी है। छात्रा आखिरी बार किसके साथ थीं? उनकी तबीयत या हालत कैसी थी? दो युवक उन्हें अस्पताल कैसे लेकर पहुंचे? अस्पताल पहुंचने के बाद वे कहां चले गए? इन सवालों की जांच जरूरी है। CCTV फुटेज, मोबाइल फोन की जानकारी, अस्पताल का रिकॉर्ड और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जांच में अहम हो सकते हैं।
फिलहाल परिवार ने हत्या की आशंका जताई है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले मौत को हत्या के तौर पर अंतिम रूप से कहना सही नहीं होगा। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि छात्रा की मौत वास्तव में कैसे हुई। ग्रेटर नोएडा के इस मामले ने परिवार और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे सामने आने वाली जानकारी पर है।
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