ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले विस्थापित किसान परिवारों के युवाओं ने अब स्थायी रोजगार की मांग तेज कर दी है। इसी सिलसिले में युवाओं ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जनता दर्शन के दौरान मुलाकात की। उन्होंने एयरपोर्ट परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के समय किए गए रोजगार के वादे को पूरा कराने की मांग रखी।
एयरपोर्ट में स्थायी नौकरी की मांग
प्रभावित युवाओं ने मुख्यमंत्री के सामने मांग रखी कि पात्र विस्थापित किसान परिवारों के बच्चों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड या यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में स्थायी रोजगार दिया जाए। युवाओं का कहना है कि उनके परिवारों ने एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी जमीन दी थी। ऐसे में अब उनके बच्चों को रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मामले में स्पष्ट और समयबद्ध व्यवस्था बनाने की मांग की है।
2019 में ली गई थी जमीन
युवाओं के मुताबिक, वर्ष 2019 में जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए उनके परिवारों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उस समय प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए पांच लाख रुपये या एयरपोर्ट में रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था। अब जमीन दिए कई साल बीत चुके हैं। युवाओं का कहना है कि एयरपोर्ट परियोजना आगे बढ़ गई है और यहां से उड़ानें भी शुरू हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के युवाओं को स्थायी नौकरी मिलने का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है।
अधिकारियों के सामने भी रख चुके हैं बात
प्रभावित परिवारों के युवाओं का कहना है कि उन्होंने रोजगार के मुद्दे को कई बार स्थानीय और जिला स्तर के अधिकारियों के सामने उठाया है। इसके बावजूद उन्हें अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इसी वजह से युवाओं ने लखनऊ जाकर सीधे मुख्यमंत्री से अपनी बात रखने का फैसला किया। जनता दर्शन में उन्होंने अपनी समस्या और रोजगार से जुड़ी मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी।
बोले- जमीन दी, अब बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित हो
युवाओं का कहना है कि एयरपोर्ट परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए किसानों ने अपनी जमीन दी है। जमीन जाने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अपने बच्चों के भविष्य और रोजगार को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि अगर एयरपोर्ट में स्थायी नौकरी मिलती है तो विस्थापित परिवारों के युवाओं को लंबे समय के लिए रोजगार का सहारा मिलेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि पात्र परिवारों की पहचान कर रोजगार देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
सरकार से समयबद्ध व्यवस्था की मांग
युवाओं ने मुख्यमंत्री से यह भी मांग की कि रोजगार के मुद्दे पर केवल आश्वासन तक मामला सीमित न रहे, बल्कि इसके लिए ठोस व्यवस्था और समयसीमा तय की जाए। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को क्षेत्र के विकास और रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले परिवारों के युवाओं की स्थायी नौकरी की मांग आने वाले समय में एक अहम मुद्दा बन सकती है। अब प्रभावित परिवारों की नजर सरकार की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर है। यदि सरकार रोजगार के लिए स्पष्ट नीति और समयसीमा तय करती है, तो इससे लंबे समय से अपनी मांग उठा रहे विस्थापित किसान परिवारों के युवाओं को राहत मिल सकती है।
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