ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा के सेक्टर-150 और सेक्टर-152 में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। इन इलाकों में रहने वाले 50 हजार से ज्यादा लोगों को आने वाले समय में रोजाना लगने वाले Traffic Jam से राहत मिल सकती है। नोएडा अथॉरिटी ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-148 और 153 के बीच Clover Leaf बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को छोटे अंडरपास से होकर जाने की मजबूरी कम होगी। साथ ही नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ आने-जाने वाले वाहनों को भी बेहतर रास्ता मिल सकेगा।
अभी क्यों होती है परेशानी?
फिलहाल सेक्टर-150 और 152 की तरफ जाने वाले लोगों को एक्सप्रेसवे के नीचे बने छोटे अंडरपास का इस्तेमाल करना पड़ता है। इन अंडरपास की चौड़ाई ज्यादा नहीं है और जब वाहनों की संख्या बढ़ती है तो यहां Traffic Jam लग जाता है। सुबह ऑफिस जाने के समय और शाम को वापस लौटने के समय स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। कई बार लोगों को थोड़ी दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। आने वाले समय में इन सेक्टरों में आबादी और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में अगर अभी से कोई बेहतर व्यवस्था नहीं की गई तो Traffic की समस्या और बड़ी हो सकती है। इसी वजह से Clover Leaf को जरूरी माना जा रहा है।
क्या है Clover Leaf?
Clover Leaf एक खास तरह का फ्लाईओवर डिजाइन होता है। इसका आकार करीब-करीब चार पत्तियों वाले Clover जैसा दिखाई देता है। इसकी मदद से अलग-अलग दिशाओं से आने वाली गाड़ियां बिना एक-दूसरे के रास्ते में ज्यादा बाधा डाले आगे बढ़ सकती हैं। इसका फायदा यह है कि वाहन चालकों को बार-बार U-Turn लेने या छोटे रास्तों पर निर्भर रहने की जरूरत कम पड़ती है। इससे Traffic को अलग-अलग दिशाओं में बांटने में मदद मिलती है।
एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से जुड़ेगा
प्रस्तावित Clover Leaf को नोएडा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बनी सर्विस रोड से जोड़ने की योजना है। इससे सेक्टर-150 और 152 की तरफ जाने वाले वाहनों को सीधे बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इसके अलावा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले लोगों को भी इसका फायदा मिल सकता है। इससे मौजूदा रास्तों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
पहले डिजाइन, फिर बनेगा DPR
नोएडा अथॉरिटी फिलहाल इस Clover Leaf का डिजाइन तैयार कर रही है। डिजाइन तैयार होने के बाद इसे IIT से मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके बाद Detailed Project Report यानी DPR तैयार होगी। DPR तैयार होने के बाद निर्माण के लिए Tender जारी किया जाएगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा और फिर जमीन पर काम शुरू होगा। यानी अभी यह प्रोजेक्ट शुरुआती प्रक्रिया में है और इसके निर्माण में कुछ समय लग सकता है।
50 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा
इस प्रोजेक्ट का सीधा फायदा सेक्टर-150 और 152 में रहने वाले 50 हजार से ज्यादा लोगों को मिलने की उम्मीद है। खासकर उन लोगों के लिए यह बड़ी राहत हो सकती है, जिन्हें रोजाना ऑफिस, स्कूल या दूसरे कामों के लिए एक्सप्रेसवे के रास्ते आना-जाना पड़ता है। अगर Clover Leaf बनने के बाद Traffic सही तरीके से अलग-अलग रास्तों में बंटता है, तो इससे न केवल जाम कम हो सकता है बल्कि लोगों का समय और ईंधन भी बच सकता है।
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