ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा के हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। सेक्टर-63 थाने में कुल 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें बिजली निगम के तीन जूनियर इंजीनियर, एक TG-2 कर्मचारी, छह लाइनमैन और 13 अन्य लोग शामिल हैं।
अवैध कनेक्शन का नेटवर्क?
FIR में आरोप लगाया गया है कि कुछ बिजली कर्मचारियों और अन्य लोगों की कथित मिलीभगत से अवैध बिजली कनेक्शन दिए जा रहे थे। बताया गया कि छिजारसी कॉलोनी, चोटपुर, पर्थला और आसपास के इलाकों में बिजली लाइन बिछाकर अवैध कनेक्शन देने का नेटवर्क चल रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसमें किस आरोपी की क्या भूमिका थी और अवैध कनेक्शन का पूरा नेटवर्क किस तरह काम करता था।
13 हजार अवैध कनेक्शन का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक डूब क्षेत्र में बिजली के अवैध कनेक्शनों को लेकर शिकायत मिलने के बाद जांच की गई थी। जांच में करीब 13 हजार अवैध कनेक्शन होने की जानकारी सामने आई। इतनी बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन सामने आने के बाद बिजली निगम और प्रशासन के स्तर पर भी सवाल उठे हैं।
करोड़ों की वसूली का आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि अवैध कनेक्शनों के जरिए हर महीने बड़ी रकम वसूली जाती थी। रिपोर्ट में डूब क्षेत्र में करीब 70 हजार परिवारों के रहने की बात कही गई है। हालांकि इस तरह के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस प्रत्येक आरोपी की भूमिका और आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
वैध कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी शुरू
दिलचस्प बात यह है कि इसी क्षेत्र में अब वैध बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 625 से ज्यादा उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इससे एक तरफ अवैध कनेक्शन के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी तरफ लोगों को कानूनी तरीके से बिजली उपलब्ध कराने की कोशिश भी की जा रही है। अब जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि अवैध कनेक्शन का नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
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